भुवनेश्वर , मई 30 -- राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने ओडिशा के मुख्य सचिव और कई वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों को समन जारी कर कटक शहर के घनी आबादी वाले क्षेत्र में बुनियादी नागरिक सुविधाओं के प्रावधान संबंधी अपने पूर्व आदेशों का कथित रूप से पालन न करने के मामले में 9 जुलाई को आयोग के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है।
आयोग ने अपने निर्देशों की "जानबूझकर अवज्ञा" बताते हुए इसे गंभीर मुद्दा मानते हुए मुख्य सचिव, परिवहन विभाग के प्रधान सचिव, कटक कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस अधीक्षक (एचआरपीसी) और कटक नगर निगम के नगर आयुक्त को तलब किया है।
शुक्रवार को जारी अपने आदेश में, राष्ट्रीय नगर निगम आयोग (एनएचआरसी) ने कहा कि अधिकारी कटक नगर निगम के अंतर्गत वार्ड संख्या 56 के निवासियों की शिकायतों के निवारण हेतु उठाए गए कदमों पर संतोषजनक कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने में विफल रहे हैं।
यह मामला अधिवक्ता अक्षय कुमार पांडे और वार्ड के अन्य निवासियों द्वारा दायर शिकायत से संबंधित है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि 1997 से नगर निगम की सीमा में होने के बावजूद, इस क्षेत्र के लगभग 50,000 निवासी अभी भी उचित जल निकासी, पक्की सड़कों, स्ट्रीट लाइट और सार्वजनिक बस सेवाओं सहित आवश्यक नागरिक सुविधाओं से वंचित हैं।
शिकायतकर्ताओं ने कुआखाई नदी पुल की खराब स्थिति की ओर भी ध्यान दिलाया और दावा किया कि भारी वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही और अधिकारियों द्वारा आवश्यक सुरक्षा उपायों को न अपनाने से लोगों की जान जोखिम में है।
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