नयी दिल्ली , जुलाई 31 -- देश की सबसे बड़ी कार निर्माता मारुति सुजुकी इंडिया को चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 3,447 करोड़ रुपये का समेकित शुद्ध लाभ हुआ है, जो एक साल पहले के मुकाबले 9.11 प्रतिशत की गिरावट दिखाता है।

कंपनी को पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 3,792 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था। मुनाफे में यह गिरावट मुख्य रूप से कच्चे माल की लागत बढ़ने के कारण देखी गयी।

गत 30 जून को समाप्त पहली तिमाही में कंपनी के परिचालन राजस्व में 35.9 फीसदी का जबरदस्त उछाल देखा गया। यह 52,467 अरब डॉलर पर रहा।

तिमाही के दौरान कंपनी की लागत में 40 फीसदी का तेज उछाल दर्ज किया गया। यह एक साल पहले के 35,585 करोड़ डॉलर से बढ़कर 50 हजार डॉलर पर पहुंच गया। इसमें बढ़ोतरी में सबसे अधिक योगदान कच्चे माल की लागत का रहा जो 46 प्रतिशत बढ़कर 32 हजार करोड़ रुपये पर पहुंच गयी।कंपनी की कुल बिक्री पहली तिमाही में (संख्या के आधार पर) सालाना आधार पर 29.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी। घरेलू बाजार में छोटी कारों की बिक्री में 34.1 प्रतिशत, एसयूवी की बिक्री में 44.6 प्रतिशत तथा निर्यात में 28.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई। कंपनी की घरेलू बाजार हिस्सेदारी 2.3 प्रतिशत अंक बढ़कर 41.2 प्रतिशत हो गयी। बिक्री में यह वृद्धि इसलिए संभव हो सकी क्योंकि कंपनी ने खरखौदा स्थित अपने दूसरे संयंत्र का संचालन शुरू किया। बिक्री बढ़ने के बावजूद तिमाही के अंत में डीलर नेटवर्क का इन्वेंट्री स्तर केवल लगभग 13 दिनों का था।

तिमाही के दौरान कंपनी की शुद्ध बिक्री (मूल्य के आधार पर) वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही के 36,621 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 49,959 करोड़ रुपये हो गयी, जो 36 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। इस अवधि में हालांकि कच्चे माल की लागत बढ़नी शुरू हो गयी और पश्चिम एशिया संकट के दौरान इसमें और अधिक वृद्धि हुई। इसके परिणामस्वरूप, तिमाही का शुद्ध लाभ 3,352 करोड़ रुपये हो गया, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में यह 3,758 रुपये था।

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