श्रीगंगानगर , अप्रैल 14 -- राजस्थान में श्रीगंगानगर नगर परिषद क्षेत्र के ठोस कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए पिछले 10 वर्षों से नेतेवाला गांव में प्रस्तावित ठोस कचरा निस्तारण संयंत्र को प्रशासन द्वारा तीन दिन पहले शहर से कई किलोमीटर दूर नरसिंहपुरा मांझूवास बारानी गांव में स्थानांतरित करने के प्रस्ताव का ग्रामीणों ने कड़ा विरोध किया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार को नरसिंहपुरा गांव स्थित महर्षि गौ सेवा सदन में आयोजित प्रबुद्ध ग्रामीणों की बैठक में इस स्थानांतरण का एकमत से विरोध करने का फैसला लिया गया। बैठक में विचार-विमर्श के बाद बुधवार को नरसिंहपुरा गांव के गुरुकुल आश्रम में आसपास के गांवों की महापंचायत बुलाने का प्रस्ताव पारित किया गया।

बैठक में शामिल गौ रक्षा सेवा दल नरसिंहपुर के अध्यक्ष मैसी चौधरी ने बताया कि उपस्थित प्रबुद्ध ग्रामीणों ने इस मामले को गंभीर साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि नगर परिषद और जिला प्रशासन के कतिपय अधिकारियों ने जिला कलेक्टर डॉ अमित यादव को गुमराह करके नेतेवाला से संयंत्र को नरसिंहपुरा में स्थानांतरित करने का षड्यंत्र रचा है।

उन्होंने कहा कि नेतेवाला गांव में वर्ष 2016 से संयंत्र स्थापित करने की पूरी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी थीं। केंद्र सरकार ने 78 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत कर दिया था और अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) भी प्राप्तहो चुका था। दिल्ली की एक फर्म को नेतेवाला में राष्ट्रीय राजमार्ग से लगती 17 बीघा भूमि पर संयंत्र लगाने का टेंडर भी जारी कर दिया गया था, जो निर्धारित मापदंडों के अनुरूप है। इसके बावजूद इसे यहां से स्थानांतरित किया जा रहा है, जबकि नरसिंहपुरा में प्रस्तावित स्थान पर मात्र 13 बीघा भूमि उपलब्ध है जो राष्ट्रीय राजमार्ग से काफी दूर खेतों में स्थित है।

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