वाराणसी , जुलाई 18 -- उत्तर प्रदेश के वाराणसी को कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में देश का मॉडल शहर बनाने की दिशा में प्रयास तेज हो गए हैं। स्मार्ट सिटी और स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहर में कचरे से ऊर्जा तथा जैविक खाद बनाने की आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी क्रम में शनिवार को शहरी आवासन एवं कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव श्रीनिवास कटिकिथला ने करसड़ा और रमना स्थित कचरा प्रसंस्करण संयंत्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान मंत्रालय की संयुक्त सचिव रूपा मिश्रा भी उनके साथ मौजूद रहीं। वाराणसी आगमन पर नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने केंद्रीय अधिकारियों का स्वागत किया।
केंद्रीय सचिव ने सबसे पहले करसड़ा स्थित वेस्ट-टू-कंपोस्ट प्लांट का निरीक्षण किया। प्लांट का संचालन करने वाली संस्था ईस्टर्न ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर्स के प्रतिनिधियों ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से कचरा प्रसंस्करण और जैविक खाद निर्माण की प्रक्रिया की जानकारी दी। इस दौरान श्री कटिकिथला ने प्लांट में वर्षों से जमा लिगेसी वेस्ट की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली और उसके वैज्ञानिक निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
इसके बाद केंद्रीय सचिव का दल रमना स्थित वेस्ट-टू-चारकोल प्लांट पहुंचा, जहां कचरे से चारकोल बनाने की आधुनिक तकनीक का निरीक्षण किया गया। उन्होंने प्लांट की क्षमता, उत्पादन प्रक्रिया तथा संचालन संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान श्री कटिकिथला और संयुक्त सचिव रूपा मिश्रा ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए प्लांट परिसर में पौधरोपण भी किया।
इस अवसर पर नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल, अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा और अमित कुमार, सहायक नगर आयुक्त इंद्र विजय सहित नगर निगम एवं संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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