चंडीगढ़ , जून 21 -- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आज पंचकूला में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में योग को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इन पहलों का उद्देश्य योग को जन आंदोलन का रूप देना और विद्यार्थियों व युवाओं में स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना है।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि आगामी शैक्षणिक सत्र से कक्षा तीन से नौ तक के विद्यार्थियों के पाठ्यक्रम में योग शिक्षा को शामिल किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास को बढ़ावा मिलेगा तथा उनमें बचपन से ही स्वस्थ आदतें विकसित होंगी।
विद्यालयों में योग शिक्षा को प्रभावी बनाने के लिए सभी पीटीआई, डीपीईडी शिक्षकों, पीजीटी और नामित पीआरटी शिक्षकों को योगासनों का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को नियमित रूप से प्रशिक्षित मार्गदर्शन मिल सके।
उन्होंने बताया कि हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (एचएसएससी) और हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन (एचपीएससी) की सभी परीक्षाओं में योग से संबंधित प्रश्न अनिवार्य रूप से शामिल किए जाएंगे। इसके लिए परीक्षा नीति में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने मोरनी में राज्य स्तरीय प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग संस्थान स्थापित करने की घोषणा भी की, जहां स्नातक स्तर के पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। साथ ही राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों में स्थापित किए जा रहे पांच उत्कृष्टता केंद्रों में योग को प्रमुख घटक के रूप में शामिल किया जाएगा, जिससे योग शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।
योग को संस्थागत स्वरूप देने के लिए राज्य के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों के खेल विभागों का नाम बदलकर "खेल एवं योग विभाग" किया जाएगा। इसके अलावा योगासन को हरियाणा की खेल नीति के तहत एक खेल विधा के रूप में शामिल किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुर्वेद पाठ्यक्रम के तत्वों को योग पाठ्यक्रम से जोड़ा जाएगा, ताकि स्वास्थ्य और कल्याण के प्रति समग्र दृष्टिकोण विकसित हो सके। उन्होंने यह भी बताया कि आयुष योग कोच और योग प्रशिक्षकों के स्वीकृत रिक्त पदों पर जल्द नियुक्तियां की जाएंगी।
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