नयी दिल्ली , जुलाई 10 -- केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने शुक्रवार को कि आज की कक्षाओं को भविष्य की नौकरियों की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जाना चाहिए।
श्री चौधरी ने सूरत आईटीआई के दौरे के दौरान प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आईटीआई (पीएम -सेतु) योजना के तहत सूरत आईटीआई क्लस्टर को मंजूरी देने की घोषणा की। यह गुजरात में पीएम-सेतु के तहत स्वीकृत होने वाली शुरुआती प्रमुख परियोजनाओं में शामिल है। इस परियोजना में आर्सेलरमित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया एंकर इंडस्ट्री पार्टनर की भूमिका निभायेंगे।
उन्होंने कहा कि सूरत क्लस्टर की मंजूरी इस बात का प्रमाण है कि सरकार उद्योग और राज्यों के सहयोग से ऐसे उत्कृष्ट कौशल संस्थान विकसित कर रही है, जो भारत की विनिर्माण और नवाचार क्षमताओं को नयी ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेंगे। उन्होंने कहा कि भारत में कौशल विकास का नया मॉडल उभर रहा है, जिसमें उद्योग केवल रोजगार देने वाला नहीं बल्कि प्रतिभा निर्माण का साझेदार बन रहा है।
इस परियोजना के तहत हब-एंड-स्पोक मॉडल अपनाया जायेगा। इसमें आईटीआई सूरत को हब संस्थान बनाया गया है, जबकि आईटीआई सूरत (महिला), आईटीआई हजीरा, आईटीआई बारडोली और आईटीआई सचिन स्पोक संस्थानों के रूप में कार्य करेंगे। यह क्लस्टर उन्नत विनिर्माण, इस्पात, इंजीनियरिंग, प्रोसेस इंडस्ट्री, वस्त्र उद्योग तथा इंडस्ट्री 4.0 जैसी उभरती तकनीकों के अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षण देगा।
करीब 240 करोड़ रुपये की इस परियोजना को अगले पांच वर्षों में लागू किया जायेगा। इसके तहत आधुनिक प्रयोगशालाएं, स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लर्निंग सिस्टम, कार्यशालाओं का उन्नयन, पाठ्यक्रमों का आधुनिकीकरण, प्रशिक्षकों का कौशल विकास तथा उद्योग-आधारित प्रबंधन प्रणाली विकसित की जायेगी।
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