, Oct. 31 -- पटना 31 अक्टूबर (वार्त)बिहार के औरंगाबाद जिले में बरामद किए गए जाली नोटों के मामलों की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए)करेगी। एनआईए ने विशेष अदालत के न्यायाधीश विपिन कुमार की अदालत में अपनी दर्ज की गई प्राथमिकी संख्या आर सी 02/2026 सौंप दी है। इसके साथ ही मामले के सभी अभिलेखों की मांग स्थानीय पुलिस एवं अदालत से की गई है। विशेष अदालत ने मामले में सुनवाई के लिए 18 नवंबर 2026 की अगली तिथि निश्चित की है ।

मामले की प्राथमिकी के अनुसार औरंगाबाद जिले के मदनपुर थाना की पुलिस को सूचना मिली थी कि थाना मोड़ के पास कुछ लोग भारतीय जाली मुद्रा के साथ हैं। पुलिस ने छापामारी कर सुरेंद्र कुमार नामक एक व्यक्ति को 148500 रुपए के भारतीय जाली नोटों के साथ गिरफ्तार किया था। इस अभियुक्त की निशानदेही पर पुलिस ने एक अन्य अभियुक्त विजय यादव को गिरफ्तार किया था और उसके पास से 100000 रूपये के जाली नोट बरामद किए थे ।बरामद सभी नोट Rs.500 की राशि के थे । मदनपुर थाना में इस कांड से संबंधित प्राथमिकी संख्या 317/2026 दर्ज की गई थी। मामले में विजय यादव, सुरेंद्र कुमार ,रंजय पासवान और प्रदीप साव को अभियुक्त बनाया गया था । मामले में अंतरराज्यीय संबंध पाए जाने के बाद मामले की जांच एनआईए को सौंपी गई है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित