आजमगढ़ , अक्टूबर 12 -- ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने समाजवादी पार्टी (सपा) और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए मुसलमानों के राजनीतिक अधिकारों, शिक्षा, स्थानीय विकास और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दे उठाए।
उन्होंने कहा कि मुसलमानों को अब दूसरों के सहारे राजनीति करने के बजाय अपना नेतृत्व खड़ा करना होगा। उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव में एआईएमआईएम प्रत्याशियों को जिताने की अपील भी की।
रविवार रात आजमगढ़ में अमौड़ा टोल प्लाजा के पास जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने आरोप लगाया कि सपा ने मुसलमानों का इस्तेमाल सत्ता हासिल करने के लिए किया, लेकिन उन्हें बराबरी का राजनीतिक अधिकार दिलाने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं किए। उन्होंने युवाओं से अखिलेश यादव के बजाय अपने भविष्य और अधिकारों के लिए आगे आने का आह्वान किया।
ओवैसी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव को एक-दूसरे के गढ़ में चुनाव लड़ने की चुनौती देते हुए योगी को संभल और अखिलेश को गोरखपुर से चुनाव लड़ने की बात कही। उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन, चुनाव आयोग से संबंधित कानूनों, एनकाउंटर और बुलडोजर कार्रवाई को लेकर केंद्र तथा प्रदेश सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों का असर अल्पसंख्यकों के घरों, दुकानों और धार्मिक स्थलों पर भी पड़ा है।
शिक्षा और विकास के मुद्दे पर ओवैसी ने शिब्ली नेशनल कॉलेज को विश्वविद्यालय का दर्जा नहीं मिलने को लेकर सपा को घेरा। उन्होंने महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय पर हुए खर्च, संबद्ध कॉलेजों में छात्राओं की बढ़ी फीस, आजमगढ़ एयरपोर्ट बंद होने और सड़कों की बदहाल स्थिति का जिक्र करते हुए जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आजमगढ़ में विकास के दावों के अनुरूप जमीनी स्तर पर काम भी दिखाई देना चाहिए।
ओवैसी ने मुसलमानों से पिछलग्गू बनकर रहने के बजाय अपना नेता चुनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मुसलमानों के हितों की बात करने पर उन्हें भाजपा का एजेंट बताकर बदनाम किया जाता है, लेकिन एकजुटता के परिणामस्वरूप हैदराबाद से लेकर बिहार तक उनकी पार्टी के प्रतिनिधि विधानसभा और लोकसभा में पहुंच रहे हैं। उन्होंने लोगों से किसी के बहकावे में नहीं आने की अपील की।
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