प्रयागराज , अक्टूबर 12 -- उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या के बजाय संभल और अखिलेश यादव को गोरखपुर से चुनाव लड़ने की चुनौती दिए जाने पर पलटवार करते हुये कहा कि जो नेता प्रदेश का नेतृत्व कर रहे हैं, वह प्रदेश की सभी 403 सीटों पर चुनाव लड़ते हैं। उन्होने दावा किया है कि जो पार्टी ज्यादा सीटों पर चुनाव जीतती है,वह सरकार बनाती है। उन्होंने कहा है कि उप्र में तीसरी बार भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि कौन कहां से चुनाव लड़ेगा। यह भाजपा का संसदीय बोर्ड तय करता है। यह न ओवैसी तय करेंगे और न ही अखिलेश यादव ही तय करेंगे।

केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी मीडिया में स्पेस पाने के लिए ऐसे हल्के-फुल्के बयान देते रहते हैं। उन्होने कहा कि हमारा एक ही लक्ष्य है कि यूपी के सभी 403 सीटों पर एनडीए के सहयोगी दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे। भाजपा और उसके सहयोगी दल सभी सीटें जीतें इसकी पूरी कोशिश करेंगे।

वहीं कांग्रेस की नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना के कार्यभार ग्रहण करने के दौरान मारपीट की घटना पर सधी हुई प्रतिक्रिया देते हुये उन्होंने इसे कांग्रेस की आंतरिक समस्या बताते हुए कहा है कि कांग्रेस यूपी में कहीं नहीं है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता समय-समय पर कुछ हरकतें कर दिखाई देना चाहते हैं कि वह अस्तित्व में बने हुए और जिंदा हैं।लेकिन वास्तविकता यह है कि कांग्रेस सिर्फ दफ्तरों तक सीमित है और कागजों के पन्नों में है। इसके अलावा कांग्रेस के पास कुछ गिने चुने पदाधिकारी ही बचे हुए हैं।

कथित वोट चोरी और एसआईआर के खिलाफ दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट तक निकाले गए पैदल मार्च में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के शामिल होने के सवाल पर श्री मौर्य ने कहा कि कांग्रेस समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी,शिवसेना और तृणमूल कांग्रेस जैसी पार्टियां जो कि इंडिया गठबंधन में साथ खड़ी हैं। सभी इंडिया गठबंधन की पार्टियां शुद्ध रूप से नौटंकी बाजी कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया है कि विपक्षी दलों के चुनाव आयोग के खिलाफ आंदोलन को किसी का समर्थन नहीं मिल रहा है। केवल इलेक्ट्रॉनिक प्रिंट और सोशल मीडिया में यह लोग दिखते रहना चाहते हैं।

उन्होंने कहा है कि अगर भारत निर्वाचन आयोग द्वारा उन्हें वोटर लिस्ट में कोई भी समस्या है नाम काटने नाम जोड़ने या फिर सुधार करने में। तो वह फॉर्म सिक्स,फॉर्म सेवन और फॉर्म एट भरने का काम राजनीतिक दल करते हैं। राहुल गांधी की तरह लोग नाटक नौटंकी नहीं करते हैं। अखिलेश यादव की तरह बयान बाजी नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि जिनके पास राजनीतिक पार्टी के रूप में सेवा का भाव होता है वह अपने कार्यकर्ताओं के माध्यम से केवल फॉर्म भरते हैं और जहां पर जो गड़बड़ी होती है सुधारने का काम करते हैं।

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