अमरोहा , मई 01 -- उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में भूमि अधिग्रहण के मुद्दे को लेकर भारतीय किसान यूनियन (बीआर आंबेडकर) के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को गजरौला में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। गजरौला स्थित एक होटल में हुई इस मुलाकात के दौरान डॉ. दिग्विजय भाटी के नेतृत्व में पहुंचे किसानों ने गंगा एक्सप्रेस-वे परियोजना के लिए किए जा रहे भूमि अधिग्रहण पर नाराजगी जताई। किसानों का कहना था कि उपजाऊ भूमि का अधिग्रहण कम मुआवजे पर किया जा रहा है, जिससे उनकी आजीविका पर संकट उत्पन्न हो गया है।

प्रतिनिधिमंडल ने लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष मांग रखी कि किसानों को बाजार दर के अनुरूप संशोधित मुआवजा दिया जाए। इसके साथ ही प्रत्येक प्रभावित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी तथा अधिग्रहित भूमि के सापेक्ष 10 प्रतिशत आवासीय भूखंड आवंटित करने की भी मांग की गई, ताकि विस्थापन से उत्पन्न समस्याओं को कम किया जा सके।

किसानों ने हसनपुर क्षेत्र के मंगरोला, रुस्तमपुर, गंगाटकोला और दौलतपुर सहित कई गांवों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्तमान मुआवजा दर उनके लिए आर्थिक रूप से नुकसानदेह है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में किसानों के हितों की अनदेखी की जा रही है।

मुलाकात के दौरान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दिग्विजय भाटी पर दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग भी उठाई गई। इस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए और किसानों को आश्वस्त किया कि उनके हितों की अनदेखी नहीं होने दी जाएगी।

उधर, किसानों ने कहा कि वे केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई चाहते हैं। उनका कहना है कि यदि उचित मुआवजा और पुनर्वास की व्यवस्था नहीं की गई, तो आंदोलन तेज किया जाएगा।

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