मुरादाबाद , जून 19 -- मुरादाबाद से समाजवादी पार्टी (सपा) सांसद रुचि वीरा ने पार्टी में एकजुटता का दावा करते हुये शुक्रवार को कहा कि सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर के बयानों को गंभीरता से लेने की जरुरत नहीं है।

सांसद रुचि वीरा ने कहा कि ओम प्रकाश राजभर के बयानों को गंभीरता से लेने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने दावा किया कि उन्हें विश्वसनीय सूत्रों से जानकारी मिली है कि राजभर और भारतीय जनता पार्टी के कुछ नेता स्वयं समाजवादी पार्टी में आने की इच्छा रखते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव में पूर्ण आस्था है और पार्टी पूरी तरह एकजुट है।

हाल ही में मुरादाबाद में आयोजित सपा के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) कार्यक्रम में शामिल न होने के सवाल पर सांसद ने अपनी ही पार्टी के एक वरिष्ठ नेता पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यक्रम के आयोजन के पीछे ऐसे नेता की भूमिका थी, जो गुटबाजी के लिए जाने जाते हैं और जिन्होंने उन्हें कार्यक्रम की कोई सूचना नहीं दी।

रुचि वीरा ने कहा कि एक महिला सांसद होने के बावजूद उन्हें कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया गया, जो संकीर्ण सोच को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गुटबाजी से पार्टी को नुकसान पहुंचता है और इस मामले में राष्ट्रीय नेतृत्व को संज्ञान लेना चाहिए।

सांसद ने बताया कि उन्होंने हाल ही में सपा के राष्ट्रीय महासचिव प्रोफेसर रामगोपाल यादव से मुलाकात कर उन्हें पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी है।

राम मंदिर से जुड़े सवाल पर रुचि वीरा ने कहा कि भगवान राम किसी एक दल या व्यक्ति की संपत्ति नहीं हैं, बल्कि सभी सनातनियों की आस्था के केंद्र हैं। उन्होंने कहा कि जब भगवान राम का बुलावा आएगा, तब वह अयोध्या जाकर दर्शन करेंगी।

दूसरी ओर, ओम प्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया के माध्यम से मुरादाबाद में आयोजित पीडीए कार्यक्रम में सांसद की अनुपस्थिति पर टिप्पणी करते हुए सपा के भीतर मतभेदों का दावा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी नेतृत्व अन्य पिछड़ा वर्ग और दलित समाज का सम्मान नहीं करता। साथ ही उन्होंने समाजवादी पार्टी में भविष्य में बड़ी टूट होने का दावा भी किया।

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