रायपुर , अक्टूबर 05 -- छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए सोमवार को कहा कि भाजपा के लिए ओबीसी केवल वोट बैंक बनकर रह गया है और जनगणना से लेकर आरक्षण तक इस वर्ग के साथ वादाखिलाफी की जा रही है।

श्री बैज ने यहां जारी बयान में कहा कि एक ओर जनगणना प्रपत्र में ओबीसी की पृथक गणना के लिए स्पष्ट विकल्प नहीं होने को लेकर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ विधानसभा से पारित 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण से संबंधित विधेयक अब तक लंबित है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान ओबीसी के हितों की बात करने वाली भाजपा सत्ता में आने के बाद उनके अधिकारों को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रही है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में ओबीसी की बड़ी आबादी है और ऐसे में इस वर्ग की सही संख्या का पता लगाने के लिए जनगणना में पृथक एवं स्पष्ट विकल्प होना चाहिए। उन्होंने मांग की कि जनगणना प्रपत्र में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की तरह ओबीसी के लिए भी अलग विकल्प उपलब्ध कराया जाए, जिससे इस वर्ग की पृथक गणना संभव हो सके।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि जातिगत आंकड़ों के अभाव में योजनाओं के लिए बजट और आरक्षण का दायरा निर्धारित करने में कठिनाई होती है। उन्होंने दावा किया कि जनगणना प्रपत्र में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के अलावा अन्य जातियों के लिए व्यवस्था है, लेकिन ओबीसी के लिए पृथक विकल्प नहीं होने से इस वर्ग की अलग गणना को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।

श्री बैज ने छत्तीसगढ़ में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण से संबंधित विधेयक का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में विधानसभा से पारित विधेयक लंबे समय से लंबित है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे पिछड़ा वर्ग के युवाओं के शिक्षा और रोजगार से जुड़े अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ओबीसी की पृथक गणना और राज्य में 27 प्रतिशत आरक्षण के प्रावधान को लागू करने की मांग करती रहेगी।

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