भुवनेश्वर , अप्रैल 24 -- ओडिशा पुलिस की अपराध शाखा की साइबर इकाई ने शुक्रवार को 2.06 करोड़ रुपये से अधिक के ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए दिल्ली से एक आरोपी को गिरफ्तार किया।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, साइबर जालसाजों ने शिकायतकर्ता से वित्तीय विशेषज्ञ बनकर एक फर्जी ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए 2,06,07,500 रुपये की ठगी की थी। पीड़ित से पहली बार 23 दिसंबर, 2024 को व्हाट्सएप से संपर्क किया गया और उसे एक ग्रुप में जोड़ दिया गया, जहां विश्वसनीयता बनाने के लिए स्टॉक मार्केट टिप्स और निफ्टी का तकनीकी विश्लेषण साझा किया जाता था।

जालसाजों ने एक व्यक्ति को प्रतिष्ठित कंपनी का फंड मैनेजर बताकर पेश किया और उच्च रिटर्न का लालच देकर शिकायतकर्ता का विश्वास जीता। झांसे में आकर पीड़ित ने तीन अलग-अलग बैंक खातों से पांच विभिन्न लाभार्थी खातों में 2.06 करोड़ रुपये भेज दिये। उसने जब पैसे निकालने का प्रयास किया, तो जालसाजों ने 'रिस्क कंट्रोल टीम' बनकर विभिन्न बहानों से अनुरोध खारिज कर दिया। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने साइबर अपराध पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज करायी।

मामले की जांच के दौरान निरीक्षक तपन कुमार प्रधान के नेतृत्व में एक टीम ने वित्तीय लेनदेन और डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया। सटीक सूचना के आधार पर टीम ने दिल्ली के द्वारका में छापेमारी की और आरोपी की पहचान पश्चिम दिल्ली का निवासी विनय कुमार शर्मा के रूप में की। उसके पास से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेज जब्त किये गये हैं।

आरोपी को द्वारका कोर्ट के न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की प्रासंगिक धाराओं के तहत पेश किया गया। उसे ट्रांजिट रिमांड पर ओडिशा लाया गया है और आगे की कानूनी कार्यवाही के लिए भुवनेश्वर में एसडीजेएम कोर्ट के समक्ष पेश किया जाएगा। ओडिशा अपराध शाखा ने नागरिकों से सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाले निवेश प्रस्तावों से सतर्क रहने और किसी भी प्लेटफॉर्म पर पैसा लगाने से पहले उसकी प्रामाणिकता की जांच करने की अपील की है।

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