भुवनेश्वर , सितंबर 23 -- ओडिशा सरकार ने फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले आवारा सांडों और मवेशियों की बढ़ती समस्या से निपटने के लिए अब तक 37 नयी गौशालाएं बनवायी हैं।
यह जानकारी प्रदेश के मत्स्य पालन और पशु संसाधन विकास मंत्री गोकुलानंद मल्लिक ने बुधवार को विधानसभा में दी। उन्होंने एक लिखित जवाब में कहा, "खेती में ट्रैक्टरों के बढ़ते इस्तेमाल से बैलों की ज़रूरत कम हो गयी है, जिससे कई किसान सांडों को छोड़ देते हैं। ये सांड बाद में खुलेआम घूमते हैं और फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं।"उन्होंने कहा कि सरकार ने "गौशाला स्थापना" योजना शुरू की है, जिसके तहत पशु कल्याण संगठनों, गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) और शहरी स्थानीय निकायों को निर्माण लागत का 90 प्रतिशत तक आर्थिक मदद दी जाती है। इस योजना के तहत 50 आवारा और बेसहारा मवेशियों की क्षमता वाली गौशालाओं के लिए 20 लाख रुपये की मदद दी जाती है, जबकि क्रमशः 100 और 150 मवेशियों की क्षमता वाली सुविधाओं के लिए 36 लाख रुपये और 52 लाख रुपये दिये जाते हैं।
उन्होंने बताया कि अभी ओडिशा में 95 पंजीकृत गौशालाएं चल रही हैं। इनमें रखे गये सांडों, बीमार मवेशियों और आवारा जानवरों के भोजन, इलाज और देखभाल के लिए सरकार अपनी "निजी गौशाला को सहायता" योजना के तहत प्रति वयस्क मवेशी इकाई (एसीयू) लगभग 54 रुपये प्रतिदिन की आर्थिक मदद देती है।
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