भुवनेश्वर , नवंबर 01 -- ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने रविवार को चक्रवात 'अर्णब' और उसके बाद आई बाढ़ से प्रभावित परिवारों के लिए एक व्यापक राहत पैकेज की घोषणा की है। इस पैकेज के तहत प्रत्येक प्रभावित परिवार को 50 किलोग्राम चावल और 2,500 रुपये की नकद सहायता प्रदान की जाएगी।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने संभावित चक्रवात 'मुरासू' के खतरे को देखते हुए अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में तैनात रहने और स्थिति पर निरंतर नजर बनाए रखने के कड़े निर्देश दिए हैं।
कृषि क्षेत्र में हुए नुकसान की भरपाई के लिए सरकार ने 33 प्रतिशत या उससे अधिक फसल गंवाने वाले किसानों के लिए इनपुट सब्सिडी की घोषणा की है। इसके तहत किसानों को प्रति हेक्टेयर असिंचित भूमि के लिए 8,500 रुपये, सिंचित भूमि के लिए 17,000 रुपये और बारहमासी फसलों के लिए 22,500 रुपये की मदद दी जाएगी। साथ ही, खेतों से गाद हटाने के लिए 18,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता, 1.75 लाख कृषि मिनी-किट का वितरण और आगामी रबी सीजन में कीटनाशकों पर 75 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान भी किया गया है।
मकानों के नुकसान और पशुधन की हानि पर भी वित्तीय सहायता तय की गई है। पूरी तरह नष्ट हुए घरों के लिए मैदानी क्षेत्रों में 1.2 लाख रुपये और पहाड़ी इलाकों में 1.3 लाख रुपये की राहत राशि दी जाएगी, जबकि आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त पक्के व कच्चे मकानों के मालिकों को क्रमशः 6,500 रुपये और 4,000 रुपये मिलेंगे। दुधारू पशुओं की मृत्यु पर 37,500 रुपये प्रति मवेशी और छोटे पशुओं के लिए 4,000 रुपये दिए जाएंगे। जिन परिवारों के घर जलमग्न रहे या बह गए हैं, उन्हें आवश्यक सामान के लिए अतिरिक्त 2,500 रुपये दिए जा रहे हैं।
व्यापारियों, एमएसएमई और कारीगरों के पुनरुद्धार के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। प्रभावित सूक्ष्म एवं छोटे उद्योगों तथा व्यापारियों को 25 प्रतिशत सब्सिडी के साथ 12 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा, अस्थायी दुकानों को 10,000 रुपये, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को 25,000 रुपये, महिला स्वयं सहायता समूहों को 5,000 रुपये की अतिरिक्त सीड ग्रांट तथा बुनकरों व कारीगरों को उपकरण व सामग्री के नुकसान के लिए 10,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
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