भुवनेश्वर , अगस्त 04 -- ओडिशा सरकार चिल्का झील, मां कालीजाई मंदिर और सातपाड़ा को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल में बनाने के लिए व्यापक मास्टर प्लान तैयार करेगी।
यह निर्णय मंगलवार को उपमुख्यमंत्री प्रवती परिडा की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में लिया गया। इस बैठक में कानून, निर्माण एवं आबकारी मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन भी शामिल हुए। बैठक में एशिया के सबसे बड़े खारे पानी के लैगून और रामसर स्थल चिल्का को उसके पारिस्थितिक संतुलन, जैव विविधता तथा प्राकृतिक सुंदरता से समझौता किए बिना विश्वस्तर पर प्रशंसित पर्यटन हब के रूप में विकसित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
सुश्री परिडा ने पूरे चिल्का क्षेत्र में पर्यटन के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और आगंतुकों की सुविधाओं को बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य ओडिशा के प्रमुख धार्मिक आकर्षणों में से एक, पूज्य मां कालीजाई मंदिर का समग्र विकास सुनिश्चित करते हुए विश्वस्तरीय आतिथ्य सुविधाएं तैयार करना है।
इस अवसर पर श्री हरिचंदन ने पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को गति देने के लिए सड़क संपर्क एवं सार्वजनिक बुनियादी ढांचे में सुधार पर विशेष जोर देने औऱ एक व्यापक विकास खाका बनाने का आह्वान किया। उन्होंने जोर दिया कि सभी विकास पहलें पर्यावरण के अनुकूल होनी चाहिए और चिल्का के पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील परिदृश्य की रक्षा करने वाली होनी चाहिए।
बैठक के दौरान विभिन्न सरकारी एजेंसियों ने बुनियादी ढांचे और पर्यटन परियोजनाओं की एक श्रृंखला की रूपरेखा तैयार करते हुए वैचारिक मास्टर प्लान प्रस्तुत किये। प्रस्तावों में बेहतर सड़क नेटवर्क, आधुनिक घाट, पार्किंग सुविधाएं, पक्षियों को देखने के लिए स्थान, साइकिलिंग ट्रैक, रोलर-स्केटिंग ज़ोन, जलीय खेल और नौकायन सुविधाएं, ट्रेकिंग ट्रेल, वृक्ष पर घर, खुला खान-पान क्षेत्र, पर्यटन स्थल और ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को उजागर करने वाली सार्वजनिक कलाकृतियां शामिल थीं।
बैठक में गोपालपुर और बाहुदा को जोड़ने वाली प्रस्तावित बिल्कुल नये सिरे से बनायी जाने वाली सड़क की भी समीक्षा की गयी, जिससे बेहतर बुनियादी ढांचे तथा आसान पहुंच के माध्यम से कनेक्टिविटी में सुधार होने और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
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