भुवनेश्वर , जून 13 -- ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सरकार के दो साल पूरे होने के मौके पर कई कल्याणकारी और बुनियादी ढांचे से जुड़ी पहलों की शुरुआत की है, जिसमें मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना भी शामिल है, जिसका मकसद पूरे राज्य में खाद्य सुरक्षा को मजबूत करना है।

श्री माझी ने शुक्रवार रात भुवनेश्वर के आईडीसीओ प्रदर्शनी मैदान में हुए एक कार्यक्रम में इन प्रमुख योजनाओं शुभारंभ करते हुए ऐलान किया कि ओडिशा में कोई भी परिवार भूखा नहीं रहना चाहिए, कोई भी बच्चा कुपोषण से पीड़ित नहीं होना चाहिए और किसी भी बुज़ुर्ग को खाने की कमी की वजह से मुश्किल का सामना नहीं करना चाहिए।

इस मौके पर सरकार के बड़े जनकल्याण कार्यक्रम का भी शुभारंभ किया गया, जिसमें पिछले दो सालों में किए गए कल्याणकारी उपायों पर रोशनी डाली गई।

श्री माझी ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार प्रधानमंत्री के "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास" के विज़न के साथ आगे बढ़ रही है और एक विकसित भारत के राष्ट्रीय दृष्टिकोणके हिसाब से एक खुशहाल, मज़बूत और विकसित ओडिशा बनाने के अपनी प्रतिबद्वता को फिर से पक्का किया।

मुख्यमंत्री ने अन्नपूर्णा योजना को सिर्फ़ एक कल्याणकारी उपाय से कहीं ज़्यादा बताते हुए कहा कि यह सरकार के जन कल्याण और हर घर के लिए खाद्य सुरक्षा के प्रतिबद्वता को दिखाती है।

इस योजना के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) और राज्य खाद्य सुरक्षा योजना (एसएफएसएस) के तहत आने वाले सभी लाभार्थियों को मौजूदा आवंटन के अलावा हर व्यक्ति को पांच किलो अतिरिक्त मुफ़्त चावल मिलेगा।

अभी पांच किलो मुफ़्त चावल मिलता है। अन्नपूर्णा योजना के लागू होने से यह बढ़कर 10 किलोग्राम हो जाएगा।

सरकार के मुताबिक, लगभग 1.96 करोड़ परिवारों के लगभग 3.28 करोड़ लोग, जो ओडिशा की लगभग 80 प्रतिशत आबादी को कवर करते हैं, इस योजना से फ़ायदा उठाएंगे। राज्य इसे लागू करने के लिए हर साल लगभग 8,813 करोड़ रुपये खर्च करेगा।

श्री माझी ने इस खर्च को सामाजिक निवेश बताते हुए कहा कि सरकार इस पहल को आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को सम्मान और राहत देने की कोशिश मानती है।

मुख्यमंत्री ने भुवनेश्वर में कई अहम अवसंरचना परियोजनाओं का भी शिलान्यास और उद्घाटन किया।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित