वनेश्वर , अगस्त 06 -- ओडिशा सतर्कता विभाग ने बुधवार को दो अधिकारी और एक ठेकेदार को 55.69 लाख रुपये के तालाब के नवीनीकरण घोटाले में गिरफ्तार किया है।

अधिकारियों और ठेकेदार पर गजपति जिले की परलाखेमुंडी नगरपालिका में एक तालाब के नवीनीकरण के काम में सरकारी रिकॉर्ड में हेरफेर कर ऐसे काम के लिए बहुत अधिक धन गबन करने का आरोप है, जो तय मानकों से कमतर स्तर का था। इन गड़बड़ियों के कारण सरकारी खजाने को 55.69 लाख रुपये का नुकसान हुआ।

ओडिशा सतर्कता विभाग ने बताया कि आरोपियों में पूर्व कनिष्ठ अभियंता डी. युधिष्ठिर, नगरपालिका अभियता संजीव चंपति और ठेकेदार सुरेंद्र पाणिग्रही शामिल हैं। सतर्कता विभाग ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज करने के बाद उन्हें अदालत में पेश किया। यह धोखाधड़ी 2019 और 2022 के दौरान तालाब नवीनीकरण परियोजना के दौरान हुई।

जांच से पता चला कि वैधानिक कर कटौती के बाद तीन चालू खाते (आरए) बिलों के जरिए ठेकेदार को कुल 1.22 करोड़ रुपये जारी किए गए थे। जांच के नतीजों के आधार पर तीनों के खिलाफ ब्रह्मपुर सतर्कता थाना में केस नंबर 07/2026 दर्ज किया गया है। यह मामला 'भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018' की धारा 13(2) और 13(1)(ए), तथा भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं 120-बी (आपराधिक साजिश), 409 (विश्वासघात), 420 (धोखाधड़ी), 468 (धोखाधड़ी के लिए जाली दस्तावेज बनाना), 471 (जाली दस्तावेजों को असली बताकर इस्तेमाल करना) और 477-ए (हिसाब-किताब में हेराफेरी) के तहत दर्ज किया गया है।

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