भुवनेश्वर , जुलाई 14 -- ओडिशा सतर्कता विभाग ने मंगलवार को ओडिशा कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (ओसीसीएल) के अधिशाषी अभियन्ता संजय कुमार किसपट्टा को आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति रखने के आरोप में गिरफ़्तार किया है।
सतर्कता विभाग सूत्रों ने बताया कि किसपट्टा, फिलहाल बोलांगीर में लोअर सुकटेल प्रोजेक्ट में डेपुटेशन पर हैं। उन्हें आज ही जेपोर में के विशेष न्यायाधीश (सतर्कता) के समक्ष पेश किया जायेगा। तलाशी के दौरान सतर्कता अधिकारियों को आय से अधिक संपत्ति का पता चला, जिसमें दो बहुमंजिला इमारतें भी शामिल हैं। इनमें से एक 8,000 वर्ग फुट में फैली एक आलीशान वाणिज्यिक इमारत है, जिसमें 23 कमरे हैं और इसमें थ्री-स्टार होटल जैसी सुविधाएं मौजूद हैं।
संपत्ति में नौ महंगे भूखंड , 46.09 लाख रुपये की बैंक जमा राशि, 1.16 लाख रुपये नकद, 325.562 ग्राम सोना, 1.121 किलोग्राम चांदी और दो चार-पहिया वाहन जैसी कीमती चीजें भी शामिल है। सतर्कता सूत्रों ने कहा कि किसपट्टा तलाशी के दौरान मिली संपत्ति के बारे में संतोषजनक जानकारी नहीं दे पाए।
कोरापुट सतर्कता विभाग ने 'भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988' (2018 में संशोधित) के तहत अधिशाषी अभियन्ता के खिलाफ मामला दर्ज किया है।किसपट्टा 2011 में जल संसाधन विभाग के तहत असिस्टेंट इंजीनियर के तौर पर ओडिशा सरकार की सेवा में शामिल हुए थे और शुरुआत में उन्हें कोरापुट जिले के नारायणपटना ब्लॉक में 9,300 रुपये की तय सैलरी पर तैनात किया गया था।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित