भुवनेश्वर , सितंबर 23 -- ओडिशा विधानसभा में मानसून सत्र के लगातार दूसरे दिन बुधवार को विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) और कांग्रेस के सदस्यों के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही चार बजे तक स्थगित कर दी गई। विपक्षी सदस्यों ने एमएमडीआर कानून में संशोधन और स्कूल की पाठ्यपुस्तकों में कथित त्रुटियों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।

उपाध्यक्ष भवानी शंकर भोई ने सदन में व्यवस्था बहाल करने की बार-बार कोशिशें विफल रहने के बाद सुबह 10 बजकर 37 मिनट पर कार्यवाही चार बजे तक स्थगित कर दी। विपक्षी सदस्य सदन के बीचोंबीच आकर अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी कर रहे थे। हंगामे के कारण लगातार दूसरे दिन प्रश्नकाल, शून्यकाल और स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा नहीं हो सकी।

मुख्य विपक्षी दल बीजद ने कक्षा एक से आठ तक की ओड़िया पाठ्यपुस्तकों में कथित त्रुटियों का मुद्दा उठाते हुए स्कूल एवं जन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड के इस्तीफे की मांग की। कांग्रेस सदस्यों ने संसद से पारित एमएमडीआर कानून में संशोधन को वापस लेने की मांग की। कांग्रेस का आरोप है कि यह संशोधन ओडिशा के हितों के खिलाफ है।

सुबह 10 बजकर 30 मिनट पर सदन की बैठक शुरू होते ही बीजद और कांग्रेस के सदस्य तख्तियां लेकर सदन के बीचोंबीच पहुंच गए और अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाने लगे।

एमएमडीआर कानून में संशोधन के विरोध में पोस्टर लिए कांग्रेस सदस्य विरोध दर्ज कराने के लिए अध्यक्ष के आसन की ओर बढ़े, जबकि तख्तियां लिए बीजद सदस्यों ने सदन के बीचोंबीच पाठ्यपुस्तकों का मुद्दा उठाया। जल्द ही स्थिति अव्यवस्थित हो गई और दोनों विपक्षी दलों के सदस्य पत्रकारों के लिए रखी मेज पर चढ़ गए तथा सरकार के खिलाफ नारे लगाने लगे, जिससे सदन की कार्यवाही बाधित हुई।

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