भुवनेश्वर , दिसंबर 09 -- ओडिशा विधानसभा का शीतकालीन सत्र मंगलवार को अपने पूर्व निर्धारित समय से 18 दिन पहले अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।

यह सत्रविधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी जब सदस्यों ने सरकारी मुख्य सचेतक सरोज कुमार प्रधान द्वारा पेश प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी प्रदान कर दी जिसे सनातन बिजुली एवं गौरीशंकर माझी ने भी समर्थन दिया।

प्रस्ताव पेश करते हुए, मुख्य सचेतक ने यह कहते हुए कार्यवाही शीघ्र स्थगित करने का अनुरोध किया कि चर्चा के लिए कोई आवश्यक आधिकारिक कार्य बचा नहीं है। अपने समापन भाषण में मुख्यमंत्री और सदन के नेता मोहन चरण माझी ने सत्र को ऐतिहासिक बताया।

उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उद्घाटन के दिन सदस्यों को संबोधित किया था और उनके भाषण को नए ओडिशा के निर्माण के लिए प्रेरणा बताया।

शीतकालीन सत्र में 11 बैठकें हुईं। इस अवधि के दौरान, सदन ने 2025-26 के लिए अनुपूरक बजट और सात विधेयक पारित किए, जिनमें अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष वेतन और भत्ते (संशोधन) विधेयक 2025, वेतन, भत्ते और पेंशन (संशोधन) विधेयक 2025, और ओडिशा विधान सभा सदस्यों के वेतन, भत्ते और पेंशन अधिनियम, 1954 में संशोधन शामिल हैं।

विधानसभा ने सर्वसम्मति से पूरे राज्य में पूरे वर्ष राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150वें वर्ष का जश्न मनाने का प्रस्ताव भी पारित किया।

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