भुवनेश्वर , जुलाई 20 -- ओडिशा के प्रमुख 'ओडिशा वानिकी क्षेत्र विकास परियोजना-चरण-2 ' ने पिछले दो सालों में राज्यभर में टिकाऊ आजीविका के अवसर पैदा कर 7.55 लाख लोगों के जीवन में परिवर्तन किया है।
वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग के तहत ओडिशा वानिकी क्षेत्र विकास समिति (ओएफएसडीएस) द्वारा लागू और 'जापान अंतरराष्ट्रीय सहयोग एजेंसी' (जेआईसीए) से वित्तीय सहायता प्राप्त यह परियोजना 10 जिलों के 14 वन और वन्यजीव संभाग में 1,210 से अधिक 'वन सुरक्षा समितियों' (वीएसएस) के माध्यम से चलाया जा रहा है।
इस परियोजना से 1.47 लाख वन-आश्रित परिवारों के 6.37 लाख से अधिक लोगों को लाभ हुआ है, जबकि विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों के साथ तालमेल ने इसकी पहुंच को काफी बढ़ाया है। वर्ष 2024-25 के दौरान लगभग 3.41 लाख लाभार्थियों को शामिल किया गया और उसके बाद 2025-26 में 4.14 लाख लोग इससे जुड़े, जिससे पिछले दो सालों में कुल लाभार्थियों की संख्या बढ़कर लगभग 7.55 लाख हो गई है। यह पहल कृषि, वानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन, मशरूम की खेती और बाजरा प्रसंस्करण में टिकाऊ आय के अवसर पैदा करके ग्रामीण बदलाव के लिए एक बड़ी प्रेरक शक्ति के रूप में उभरी है। इसके साथ ही इसने वन-आश्रित समुदायों की क्षमता को भी मजबूत किया है।
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