भुवनेश्वर , सितंबर 27 -- ओडिशा के सतर्कता विभाग ने रविवार को भुवनेश्वर में सड़क एवं भवन प्रभाग-I के अधीक्षण अभियंता के ऑफिस से 9.24 करोड़ रुपये से ज़्यादा के कथित गबन के मामले में चार और कर्मचारियों को गिरफ़्तार कर लिया। इसके साथ ही इस मामले में गिरफ़्तार लोगों की संख्या बढ़कर छह हो गई है।
गिरफ्तार किए गए लोगों में सड़क एवं भवन प्रभाग-I कार्यालय के कर्मचारी दीपक कुमार राउतराय और लक्ष्मण बिस्वाल, तथा दो डेटा एंट्री ऑपरेटर, राजीव लोचन सेनापति और सौम्य रंजन महापात्रा शामिल हैं।
सतर्कता विभाग ने कहा कि आगे की जांच से पता चला कि इन चारों ने कथित रूप से अनुभाग अधिकारी बनलता मोहंती और कनिष्ठ सहायक बिभुदत्त नायक के साथ मिलकर इसे अंजाम दिया था था; इन दोनों को पहले ही वित्तीय धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है। एजेंसी के अनुसार, ये चारों मोहंती और नायक के अधीन काम कर रहे थे और कथित रूप से उन्होंने सरकारी निधि में की गई हेराफेरी का बड़ा हिस्सा अपने निजी बैंक खातों में प्राप्त किया था।
कथित रूप से 2022-23 और 2025-26 के बीच 9,24,10,193 रुपये का यह धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। इसमें फ़र्ज़ी मंज़ूरी आदेश और बिल बनाकर, एकीकृत वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (आईएफएमएस) के ज़रिए उनकी अवैध निकासी की गई थी।
सतर्कता विभाग ने एक बयान में कहा कि कार्यालय के आकस्मिक खर्चों के निधि से फर्जी दावों के अलावा, सेवानिवृत कर्मचारियों के नाम पर अस्थायी ग्रेच्युटी और बिना इस्तेमाल की गई छुट्टी की सैलरी के लिए फर्जी बिल बनाए गए थे। असली बिलों में असल लाभार्थियों की बैंक डिटेल्स होती थीं, जबकि फर्जी बिलों में कथित तौर पर बदले हुए अकाउंट नंबर दिए गए थे।
इसके बाद यह धन 48 लोगों के 77 बैंक खातों के माध्यम से घुमाया गया। इन लोगों में आरोपी के रिश्तेदार, परिचित और सहयोगी शामिल थे। एजेंसी ने कहा कि धन प्राप्त करने वाले कुछ लोगों ने कथित रूप से उसका कुछ हिस्सा आरोपी को वापस स्थानांतरित कर दिया या नकद निकालकर उन्हें सौंप दिया।
जांच में यह भी पता चला है कि मोहंती और नायक के रिश्तेदारों एवं सहयोगियों के खाते का इस्तेमाल डायवर्ट किए गए धन को पाने के लिए किया गया। आरोप है कि मोहंती का बेटा और ड्राइवर भी धन प्राप्तकर्ताओं में शामिल थे।
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