भुवनेश्वर , जून 20 -- ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राज्य को एक उभरते हुए औद्योगिक पावरहाउस के तौर पर पेश करते हुए शनिवार को कहा कि उनकी सरकार ने 3.11 लाख करोड़ रुपये की लागत वाली 152 औद्योगिक परियोजनाओं का उद्घाटन या शिलान्यास किया है, जिससे सिर्फ़ दो साल में लगभग 2.5 लाख नौकरियों की संभावना बनी है।

यह दावा करते हुए कि राज्य के 30 में से 29 ज़िलों में अब उद्योग लग रहे हैं उन्होंने भरोसा जताया कि ओडिशा जल्द ही "रिवर्स माइग्रेशन" देखेगा, जिसमें दूसरे राज्यों के लोग रोज़गार की तलाश में यहां आएंगे, न कि ओडिशा के लोग अपनी आजीविका के लिए दूसरे राज्यों में जाएंगे।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में आयोजित राज्य-स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री माझी ने कहा कि राज्य उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, महिला सशक्तिकरण और आजीविका के क्षेत्रों में तेज़ी से बदलाव देख रहा है।

उन्होंने विकास की तेज़ रफ़्तार का श्रेय केंद्र के सहयोग और प्रधानमंत्री मोदी के लगातार समर्थन को दिया, साथ ही 2036 तक "समृद्ध ओडिशा" बनाने के अपनी सरकार के संकल्प को दोहराया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में 44 हजार से ज़्यादा सरकारी नौकरियाँ दी गई हैं और साथ ही राज्य भर में बड़े पैमाने पर रोज़गार पैदा करने के मक़सद से औद्योगीकरण को तेज़ी से बढ़ावा दिया गया है।

श्री माझी ने एक ही मंच पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और राज्यपाल की मौजूदगी को ओडिशा के लिए एक ऐतिहासिक पल बताते हुए राष्ट्रपति मुर्मु को उनके जन्मदिन पर बधाई दी और मयूरभंज के एक आदिवासी गाँव से देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक के उनके सफ़र को महिलाओं और देश के लिए प्रेरणादायक बताया।

सरकार की दूसरी सालगिरह के जश्न में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का शुक्रिया अदा करते हुए श्री माझी ने बताया कि राज्य में भाजपा के सत्ता में आने के बाद से प्रधानमंत्री ने आठ बार ओडिशा का दौरा किया है। हर दौरे के साथ नई विकास योजनाएं शुरू की गईं और ओडिशा के विकास के प्रति केंद्र की प्रतिबद्धता को और मज़बूत किया गया।

अपनी सरकार की मुख्य उपलब्धियों को गिनाते हुए, मुख्यमंत्री ने सुभद्रा योजना, कृषक समृद्धि योजना, मुख्यमंत्री कन्या विवाह, कन्या सुमंगला, श्री जगन्नाथ दर्शन योजना की शुरुआत और ओडिशा में आयुष्मान भारत को लागू करने का ज़िक्र किया।

उन्होंने केजी से पीजी तक मुफ़्त शिक्षा देने के सरकार के फ़ैसले पर भी ज़ोर दिया और बताया कि ओडिशा ऐसी नीति अपनाने वाला पहला राज्य है। इसके अलावा, सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों (एसईबीसी) के लिए आरक्षण को उच्च, तकनीकी और मेडिकल शिक्षा तक बढ़ा दिया गया है।

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