भुवनेश्वर , जुलाई 10 -- ओडिशा के झारसुगुड़ा में हत्या के एक मामले में लगभग 28 साल से फरार चल रहे मुख्य आरोपी नीलमणि महानंद को छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से पुलिस की एक विशेष टीम ने आखिरकार गिरफ्तार किया।
पुलिस ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए फर्जी आधार और पैन कार्ड बनवाकर राजू गंडा नाम से नया जीवन शुरू कर लिया था।
गौरतलब है कि आरोपी रेंगाली थाना इलाके के भुंडुपल्ली गांव का रहने वाला नीलमणि महानंद 6 अक्टूबर 1998 को गांव के ही रहने वाले दुर्योधन दीप की हत्या कर फरार था।
पुलिस ने महानंद और उसके दो साथियों के द्वारा दीप की हत्या करने और शव को बोरी में भरने तथा अपराध को छिपाने के लिए उसे केलो नदी में फेंकने का आरोप लगाया।
शुरुआत में हालांकि तीनों आरोपियों को पकड़ लिया गया था लेकिन महानंद पुलिस हिरासत से भाग निकला और तब से फरार चल रहा था। मामले में मुकदमे का सामना कर रहे उसके दो अन्य आरोपियों की कानूनी कार्यवाही के दौरान ही मौत हो गयी।
एक सूचना के आधार पर झारसुगुडा पुलिस की एक विशेष टीम ने छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में महानंद का पता लगाते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।
रेंगाली थाना के प्रभारी निरीक्षक समरेंद्र नायक ने बताया कि पकड़े जाने से बचने के लिए उसने 'राजू गंडा' नाम की अपनी नकली पहचान बना ली थी और उसी नाम से आधार और पैन कार्ड भी बनवा लिए थे।
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