भुवनेश्वर , जून 15 -- ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में सोमवार को कलिंगा स्टेडियम में सप्ताह भर चलने वाले योग उत्सव की शुरुआत हुई।

यह 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की उल्टी गिनती की शुरुआत है। इसका उद्देश्य राज्य भर में स्वास्थ्य, कल्याण और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देने के प्रयासों को मजबूत करना है।

खेल एवं युवा सेवा विभाग और ओडिशा योग महोत्सव समिति द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस उत्सव का उद्घाटन खेल मंत्री सूर्यबंशी सूरज ने कलिंगा स्टेडियम के इनडोर एथलेटिक्स सेंटर में किया। उद्घाटन सत्र में नेताओं, खेल अधिकारियों और नागरिकों ने भाग लिया। इस दौरान अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले समारोहों की रूपरेखा तय की गयी। इसके अनुसार 15 जून से 20 जून तक दैनिक योग शिविर आयोजित किये जाएंगे। यह उत्सव 21 जून को कलिंगा स्टेडियम में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक बड़े पैमाने पर एक समारोह के साथ संपन्न होगा।

सभा को संबोधित करते हुए श्री सूरज ने योग को भारतीय संस्कृति का एक अभिन्न अंग और वैश्विक कल्याण को बढ़ावा देने का एक प्रभावी साधन बताया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार और ओडिशा सरकार दोनों ने इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को अधिक समावेशी और प्रभावशाली बनाने के लिए कई जनहितकारी पहल की हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "योग महोत्सव" के दृष्टिकोण से प्रेरित होकर, मंत्री ने कहा कि इस सप्ताह भर चलने वाले कार्यक्रम को व्यापक भागीदारी को प्रोत्साहित करने और योग को एक नियमित जीवन शैली के अभ्यास में बदलने के लिए तैयार किया गया है।

श्री सूरज ने कहा, "आज हमने एक घंटे तक योग और प्राणायाम का अभ्यास किया। यह कार्यक्रम अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से पहले आयोजित किया जा रहा है, लेकिन हमारी प्रतिबद्धता योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की होनी चाहिये। एक स्वस्थ समाज की शुरुआत स्वस्थ व्यक्तियों से होती है।" उन्होंने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री की पहल ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को 'वसुधैव कुटुम्बकम' - "विश्व एक परिवार है" - के दर्शन के तहत सामूहिक कल्याण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक वैश्विक आंदोलन में बदलने में मदद की है।

श्री सूरज ने यह भी याद किया कि मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के नेतृत्व में ओडिशा ने पिछले वर्ष के अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह के दौरान एक बड़ा योग शिविर आयोजित किया था। उस शिविर में 10,000 से अधिक लोगों ने भाग लिया था। प्रौद्योगिकी की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा कि वर्तमान पहल का उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग करके योग को लोगों के घरों तक सुलभ बनाना है। इसके साथ ही युवाओं के बीच डिजिटल जागरूकता को बढ़ावा देने पर भी काम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इसका व्यापक उद्देश्य योग को वार्षिक आयोजन तक सीमित रखने के बजाय रोजमर्रा की जिंदगी में शामिल करना है। श्री सूरज के अनुसार केंद्रीय आयुष मंत्रालय, ओडिशा योग महोत्सव के सहयोग से इस वर्ष ग्रामीण हिस्सों और अन्य राज्यों की सीमा से लगे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक योग के नियमों को पहुंचाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

डिजिटल पहुंच और जमीनी स्तर के अभियानों से भागीदारी में काफी वृद्धि होने की उम्मीद जताते हुये उन्होंने कहा कि इस वर्ष के समारोह के दौरान प्रौद्योगिकी के माध्यम से लाखों लोगों को एक साथ जोड़ने और एक नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का प्रयास करने के लिए भी काम चल रहा है।

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