भुवनेश्वर , सितंबर 21 -- ओडिशा सरकार चालू वर्ष में 'श्री जगन्नाथ दर्शन योजना' के तहत राज्यभर के 30 हजार वरिष्ठ नागरिकों को निशुल्क पुरी तीर्थ यात्रा कराएगी। इसके तहत 13 जिलों के 10,434 लाभार्थी 20 सितंबर से 26 अक्टूबर के बीच तीर्थनगरी पुरी की यात्रा करेंगे।
वर्ष 2026-27 के लिए योजना के तहत पहली तीर्थयात्रा को रविवार को रवाना किया गया। इस दौरान मालकानगिरी, कोरापुट और नबरंगपुर जिलों के 910 वरिष्ठ नागरिक पुरी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के दर्शन के लिए रवाना हुए।
उपमुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री प्रवती परिडा ने पहली यात्रा को वर्चुअल माध्यम से रवाना किया और तीर्थयात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं।
इस पहल को ओडिशा पर्यटन विभाग और ओडिशा राज्य सड़क परिवहन निगम (ओएसआरटीसी) संयुक्त रूप से संचालित कर रहे हैं।
इस अवसर पर श्रीमती परिडा ने कहा कि प्रत्येक ओडिया नागरिक की भगवान श्री जगन्नाथ के दर्शन की आध्यात्मिक इच्छा को पूरा करने में सहयोग करना राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के नेतृत्व में इस योजना के माध्यम से राज्य के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों को श्रीक्षेत्र पुरी की यात्रा करने और भगवान महाप्रभु का आशीर्वाद लेने का अवसर मिल रहा है।
पहले जत्थे में मलकानगिरी के 490, कोरापुट के 210 और नबरंगपुर जिले के 210 तीर्थयात्री पुरी के लिए रवाना हुए। सरकार ने यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। प्रत्येक बस में तीन एस्कॉर्ट अधिकारियों और एक पैरामेडिकल कर्मचारी की तैनाती की गई है, जो यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों के साथ रहेंगे और उनके स्वास्थ्य तथा अन्य जरूरतों की निगरानी करेंगे। 'श्री जगन्नाथ दर्शन योजना' का उद्देश्य श्री जगन्नाथ मंदिर में भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के निशुल्क दर्शन की सुविधा एक लाख वरिष्ठ नागरिकों को उपलब्ध कराना है। चालू वर्ष में 30 हजार पात्र लाभार्थियों को इस योजना के तहत तीर्थ यात्रा कराने की व्यवस्था की गई है। योजना के तहत तीर्थयात्रियों को उनके संबंधित ग्राम पंचायतों से जिला मुख्यालय और फिर विशेष बसों से पुरी ले जाया जाता है।
तीर्थयात्रा पैकेज में निशुल्क स्वास्थ्य जांच, प्रतिदिन चार बार शाकाहारी भोजन, तीर्थयात्रियों के लिए किट बैग और पहचान पत्र शामिल हैं। इसके अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रमों और श्री जगन्नाथ मंदिर में दर्शन की भी व्यवस्था इस पहल के तहत की गयी है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित