भुवनेश्वर , जून 27 -- ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने एक मेडिकल छात्रा को आत्महत्या के लिए कथित तौर पर उकसाने के मामले में गिरफ्तार हुए एक सरकारी अधिकारी को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है।

मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रों ने शनिवार को बताया ओडिशा कराधान और लेखा सेवा (ओटीएडंएएस) अधिकारी भीमसेन टुडू भविष्य में भी किसी सरकारी नौकरी के लिए पात्र नहीं होंगे।हाल ही में कराधान सेवा संवर्ग में शामिल हुए टुडू गत चार जून से शुरू हुए अपने दीक्षांत प्रशिक्षण कार्यक्रम से गैरहाजिर रहे थे और क्षेत्रीय वित्तीय प्रबंधन अकादमी में अपनी अंतिम परीक्षा में भी शामिल नहीं हुए थे। इसी अवधि के दौरान, उन्हें छात्रा की मौत के मामले में बारंगा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था और बाद में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।

आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, चूंकि टुडू एक आपराधिक मामले में अड़तालीस घंटे से अधिक समय तक पुलिस हिरासत में रहे, इसलिए सेवा नियमों के अनुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें सीधे सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।

गौरतलब है कि बालासोर के फकीर मोहन मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की मेडिकल छात्रा चंद्रिका हेम्ब्राम के परिवार द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद टुडू के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया था। टुडू को मयूरभंज जिले के बिसोई इलाके के एक स्थानीय पुलिस स्टेशन में आत्मसमर्पण करने के बाद 12 जून को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने बताया कि वह शुरुआत में फरार चल रहे थे और उन्होंने अग्रिम जमानत के लिए ओडिशा उच्च न्यायालय का रुख भी किया था।

चंद्रिका हेम्ब्राम का शव चार जून की सुबह कटक के बारंगा इलाके में त्रिशूलिया पुल के पास काठजोड़ी नदी से बरामद किया गया था। मृतका की मां द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, टुडू और चंद्रिका लंबे समय से एक-दूसरे के साथ रिश्ते में थे। उन्होंने आरोप लगाया कि टुडू ने उनकी बेटी से शादी करने का वादा किया था, लेकिन बाद में वे मुकर गए और उसे प्रताड़ित किया, जिससे वह गंभीर मानसिक तनाव में आ गई थी।

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