भुवनेश्वर, सितंबर 11 -- ओडिशा में महिलाओं की स्कूली शिक्षा में काफी तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है लेकिन राज्य के दक्षिणी जिलों में यह रफ्तार अभी भी काफी धीमी है।

यह क्षेत्रीय असमानता राज्य के सर्वांगीण विकास के सामने एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस)-5 के मुकाबले ओडिशा में कम से कम 10 साल तक स्कूल जाने वाली महिलाओं की हिस्सेदारी 10.9 प्रतिशत अंक बढ़कर 43.9 प्रतिशत हो गई है। सभी 30 जिलों में सुधार देखा गया है, हालांकि सुधार की रफ्तार अलग-अलग रही है।

सबसे अधिक सुधार मयूरभंज, कालाहांडी, जाजपुर और ढेंकनाल में हुआ, जहां 15 प्रतिशत अंक से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। मयूरभंज में सबसे अधिक 17.2 अंकों की बढ़ोतरी हुई, जिससे वहां यह हिस्सेदारी 25.1 प्रतिशत से बढ़कर 42.3 प्रतिशत हो गई। एनएफएचएस-5 में महिलाओं की स्कूली शिक्षा का स्तर कम रहने वाले कई जिलों ने भी काफी सुधार किया है, जिनमें गजपति, बौध और कालाहांडी शामिल हैं। इससे पता चलता है कि शिक्षा तक पहुंच और शिक्षा जारी रखने की स्थिति में सुधार हुआ है।

इस मामले में दक्षिणी जिले हालांकि अभी भी पीछे हैं। 10 या उससे अधिक साल तक स्कूल जाने वाली महिलाओं का सबसे कम अनुपात मलकानगिरी में (18.5 प्रतिशत) रहा, इसके बाद नबरंगपुर (23 प्रतिशत), रायगढ़ा (24.8 प्रतिशत) और कोरापुट (26.8 प्रतिशत) का स्थान रहा। दूसरी ओर एनएफएचएस-6 में सबसे बेहतर स्थिति खुर्दा जिले की रही, जहां यह आंकड़ा 56.3 प्रतिशत था। इसके बाद कटक (54.4 प्रतिशत), झारसुगुड़ा (54.1 प्रतिशत) और जाजपुर (53.4 प्रतिशत) का नंबर आता है।

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