भुवनेश्वर , अक्टूबर 14 -- ओडिशा माइनिंग कॉरपोरेशन (ओएमसी) ने महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिजों की संयुक्तखोज, वैज्ञानिक अनुसंधान तथा तकनीकी विशेषज्ञता के आदान-प्रदान के लिए परमाणु ऊर्जा विभाग के तहत हैदराबाद स्थित एटॉमिक मिनरल्स डायरेक्टरेट फॉर एक्सप्लोरेशन एंड रिसर्च (एएमडी) के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।

इस सहयोग के तहत ओएमसी के खनन पट्टों और राज्य के अन्य क्षेत्रों में आधुनिक अन्वेषण तकनीकों, वैज्ञानिक अध्ययन, संयुक्त अनुसंधान, ज्ञान साझा करने और क्षमता निर्माण पर ध्यान दिया जाएगा। इसका उद्देश्य महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिजों की खोज और विकास में तेजी लाना है।

यह पहल केंद्र सरकार की राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन के अनुरूप है, जिसे जनवरी 2025 में शुरू किया गया था। इस मिशन का उद्देश्य स्वच्छ ऊर्जा, तकनीकी प्रगति और रणनीतिक क्षेत्रों के लिए आवश्यक खनिजों की सतत आपूर्ति सुनिश्चित करना, आयात पर निर्भरता कम करना, घरेलू खनिज मूल्य शृंखला को मजबूत करना और वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाना है।

इस साझेदारी से महत्वपूर्ण खनिजों और उच्च प्रौद्योगिकी वाले उद्योगों के केंद्र के रूप में ओडिशा की संभावनाओं को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। साथ ही, यह रणनीतिक खनिज संसाधनों के मामले में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य को आगे बढ़ाएगी।

ओडिशा सरकार के पूर्ण स्वामित्व वाली ओएमसी भारत की प्रमुख खनन कंपनियों में शामिल है। कंपनी लौह अयस्क, क्रोम अयस्क, बॉक्साइट, मैंगनीज और चूना पत्थर का उत्पादन करती है।

वित्त वर्ष 2025-26 में ओएमसी ने अब तक का सर्वाधिक 4.482 करोड़ टन खनिज उत्पादन दर्ज किया। इसमें 4.002 करोड़ टन लौह अयस्क, 16.9 लाख टन क्रोम अयस्क और 28.3 लाख टन बॉक्साइट शामिल हैं। कंपनी की खनिज बिक्री 4.2524 करोड़ टन रही, जिससे रिकॉर्ड 25,300 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित