भुवनेश्वर , जुलाई 01 -- ओडिशा में लगातार हो रही मानसूनी बारिश और कई शहरों और कस्बों में शहरी बाढ़ तथा जलभराव का खतरा मंडराने के बीच राज्य सरकार ने सभी शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिया है।
आवास एवं शहरी विकास मंत्री कृष्ण चंद्र महापात्र ने सभी शहरी स्थानीय निकायों को पूरी तरह तैयार रहने और बारिश से जुड़ी किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
आवास एवं शहरी विकास मंत्री कृष्ण चंद्र महापात्र ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "मानसून के मौसम में नागरिकों की सुरक्षा और नागरिक सेवाओं की निर्बाध आपूर्ति हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।सभी शहरी स्थानीय निकायों को पूरी तरह तैयार रहना चाहिए और किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत कदम उठाना चाहिए।"मंत्री के निर्देशों के बाद, आवास एवं शहरी विकास विभाग ने सभी नगर निगमों, नगर पालिकाओं और अधिसूचित क्षेत्र परिषदों (एनएसी) को परामर्श जारी किया है। इसमें उन्हें शहरी बाढ़ और जलभराव की समस्या कम करने के लिए व्यापक निवारक और एहतियाती कदम उठाने का निर्देश दिया गया है, विशेष रूप से उन चिन्हित हॉटस्पॉट और निचले इलाकों में जहां पानी भरने की संभावना सबसे ज्यादा है। विभाग ने सभी शहरी स्थानीय निकायों को चौबीसों घंटे निगरानी रखने और तत्काल कार्रवाई के लिए अपनी रैपिड एक्शन टीमों (आरएटी) को पूरी तरह तैनात रखने का निर्देश दिया है। नगरपालिका अधिकारियों, इंजीनियरों और स्वच्छता कर्मियों को सघन मैदानी निरीक्षण करने तथा जलभराव, बंद नालियों, उफनते सीवरों, गिरे पेड़ों और अन्य नागरिक आपात स्थितियों जैसी समस्याओं का तुरंत समाधान करने को कहा गया है।
आपातकालीन तैयारियों को मजबूत करने के लिए, शहरी स्थानीय निकायों को यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया है कि पंप, पानी निकालने वाले उपकरण, मशीनरी और अन्य आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणालियां पूरी तरह से चालू हालत में रहें। संवेदनशील स्थानों की निरंतर निगरानी करने और समय पर तथा प्रभावी कार्रवाई के लिए जिला प्रशासनों, आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों और अन्य संबंधित विभागों के साथ कड़ा समन्वय बनाये रखने पर विशेष जोर दिया गया है।
मानसून के दौरान नागरिकों के साथ निर्बाध संपर्क की सुविधा के लिए, राज्य की शहरी शिकायत निवारण हेल्पलाइन, 'शहर साथी' (1929) को पूरी तरह से सक्रिय कर दिया गया है। संबंधित शहरी स्थानीय निकायों के तत्काल कार्रवाई के लिए निवासी इस हेल्पलाइन के माध्यम से जलभराव, निकासी की समस्याओं और अन्य नागरिक आपात स्थितियों की रिपोर्ट कर सकते हैं। सार्वजनिक सुरक्षा और मजबूत शहरी शासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए श्री महापात्र ने भारी बारिश के प्रभाव को कम करने के लिए अग्रिम योजना, सक्रिय समाधान और सभी एजेंसियों के बीच समन्वित प्रयासों के महत्व पर जोर दिया।
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