भुवनेश्वर , जुलाई 31 -- ओडिशा में लगातार मानसूनी बारिश से पैदा हुए गंभीर बाढ़ संकट तथा मतदाता सत्यापन मामलों के बड़े पैमाने पर लंबित होने का हवाला देते हुए सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) ने राज्य में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 के तहत दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समय सीमा बढ़ाये जाने की चुनाव आयेाग से मांग की है।
दोनों दलों के प्रतिनिधिमंडलों ने गुरुवार को मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) आर एस गोपालन से मुलाकात की और समय सीमा बढ़ाने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपे। जहां भाजपा ने चार अगस्त की वर्तमान समय सीमा से आगे विस्तार की अपील की, वहीं बीजद ने विशेष रूप से कम से कम 30 दिनों के विस्तार की मांग की, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हर योग्य मतदाता को भाग लेने का अवसर मिले और कोई भी वास्तविक मतदाता अपने अधिकारों से वंचित न हो।
राज्य के भाजपा उपाध्यक्ष जतिन मोहंती ने कहा कि व्यापक बाढ़, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जलभराव, उखड़े पेड़, क्षतिग्रस्त सड़कें और बाधित परिवहन सेवाओं ने सामान्य जीवन के साथ-साथ बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ), चुनाव अधिकारियों, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और स्वयंसेवकों की पुनरीक्षण प्रक्रिया में भागीदारी को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि एक सटीक, समावेशी और पारदर्शी मतदाता सूची सुनिश्चित करने के लिए पात्र नागरिकों के नाम जोड़ने, विवरण सुधारने और अयोग्य नामों को हटाने के लिए दावे और आपत्तियां चरण सबसे महत्वपूर्ण है।
अतिरिक्त चिंताओं को उजागर करते हुए बीजद ने बताया कि कई जिलों में बारिश से मैदानी सत्यापन गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है। सीईओ कार्यालय के 21 जुलाई को जारी आंकड़ों का हवाला देते हुए बीजद ने ध्यान दिलाया कि प्रस्तावित 58.36 लाख नोटिसों में से केवल 1.42 लाख मामलों में ही सुनवाई पूरी हो सकी है, जिससे भारी संख्या में मामले लंबित हैं।
पार्टी ने कहा कि उसने पहले पांच, नौ, 15 और 17 जुलाई को ज्ञापनों के माध्यम से गणना चरण के विस्तार की मांग की थी, लेकिन चुनाव आयोग के कुछ अन्य राज्यों में अभ्यास का विस्तार किये जाने के बावजूद ओडिशा को इससे बाहर रखा गया था।
इसके अलावा, बीजद ने मांग की कि मतदाताओं के नाम हटाने के लिए प्राप्त 20.32 लाख फॉर्म-7 आवेदनों की पूरी सूची बूथ स्तर पर बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) के सत्यापन के लिए उपलब्ध करायी जाये। क्षेत्रीय दल ने हर फॉर्म-7 मामले में अनिवार्य बीएलओ-बीएलए बैठकों का भी आग्रह किया, यह सुनिश्चित करते हुए कि मतदाता, परिवार के किसी वयस्क सदस्य या पड़ोसी का बयान दर्ज किये बिना किसी भी मतदाता का नाम न हटाया जाये। साथ ही उन्होंने अनुरोध किया कि बिना उचित मैदानी सत्यापन के कोई भी फॉर्म-7 आवेदन स्वीकृत न किया जाये और न ही फॉर्म-6 आवेदन खारिज किया जाये।
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