भुवनेश्वर , अगस्त 04 -- ओडिशा सरकार ने बाढ़ के पानी से प्रमुख नदी प्रणालियों के उफान पर होने और मगरमच्छों के मानव बस्तियों में भटकने का खतरा बढ़ने के साथ ही संवेदनशील तटीय गांवों में व्यापक घर-घर मगरमच्छ जागरूकता अभियान शुरू किया है।
वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग ने बाढ़ संभावित क्षेत्रों में अपना संपर्क बढ़ा दिया है। सरकार ने निवासियों से सतर्क रहने तथा वन अधिकारियों द्वारा त्वरित कार्रवाई को आसान बनाने के लिए एक समर्पित व्हाट्सएप हेल्पलाइन के माध्यम से मगरमच्छ दिखने की सूचना तुरंत देने का आग्रह किया है।
राज्य सरकार ने लुंजांगल वन परिक्षेत्र के अंतर्गत राजनगरा वन प्रभाग ने ब्राह्मणी, महानदी और बैतरणी नदी प्रणालियों में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए एक आपातकालीन व्हाट्सएप हेल्पलाइन (9938914101) शुरू किया है।
वन अधिकारियों ने कहा कि मानसून के दौरान उफान पर बहने वाली नदियां अक्सर मगरमच्छों को उनके प्राकृतिक आवासों से बाहर निकलने पर मजबूर कर देती हैं। इससे इन सरीसृपों के गांवों, कृषि खेतों और स्थानीय निवासियों द्वारा उपयोग किये जाने वाले नदी घाटों में प्रवेश करने की संभावना बढ़ जाती है। मनुष्य का मगरमच्छ से सामना होने के जोखिम को कम करने के लिए वन विभाग के कर्मी बाढ़ प्रभावित गांवों में गहन जागरूकता अभियान चला रहे हैं। इसमें लोगों को मगरमच्छ के व्यवहार, संभावित खतरे वाले क्षेत्रों और आवश्यक सुरक्षा सावधानियों के बारे में शिक्षित किया जा रहा है।
निवासियों को सलाह दी गयी है कि जब तक बिल्कुल आवश्यक न हो, मानसून के दौरान नदियों, नहरों और जल निकासी नालों में जाने से बचें। उनसे प्राकृतिक स्रोतों में नहाने, मछली पकड़ने या वहां से पानी इकट्ठा करने के दौरान अत्यधिक सावधानी बरतने का भी आग्रह किया गया है। माता-पिता को सलाह दी गयी है कि वे वयस्कों की देखरेख के बिना बच्चों को जल निकायों के पास न जाने दें। पशुपालकों से कहा गया है कि वे मवेशियों को चराते समय या जानवरों को पीने के पानी के लिए नदियों और तालाबों में ले जाते समय सतर्क रहें।
वन विभाग ने जनता से अपील की है कि वे आवासीय क्षेत्रों या आसपास के जल निकायों में मगरमच्छ दिखाई देने पर व्हाट्सएप हेल्पलाइन के माध्यम से तुरंत रिपोर्ट करें, ताकि बचाव दल तत्परता और सुरक्षा के साथ प्रतिक्रिया दे सकें।
अधिकारियों ने कहा कि लोगों और वन्यजीवों दोनों के जोखिम को कम करते हुए इंसानों और मगरमच्छों के सुरक्षित सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने के लिए वन विभाग के कर्मियों तथा स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी के साथ जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग ने भी लोगों, विशेष रूप से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नदियों के तटों पर रहने वाले लोगों से आग्रह किया है कि वे वन विभाग द्वारा जारी सुरक्षा सलाह का सख्ती से पालन करें और मानसून के दौरान मानव जीवन और वन्यजीवों दोनों की सुरक्षा में मैदानी कर्मचारियों को पूरा सहयोग दें।
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