पुरी , सितंबर 16 -- दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में इमारतें गिरने की घटनाओं के बाद पुरानी इमारतों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता के बीच ओडिशा में पुरी जिला प्रशासन ने शहर में 36 जर्जर और कमजोर इमारतों की पहचान की है।

पुरी के जिला कलेक्टर दिव्यज्योति परिदा ने बुधवार को यह जानकारी दी।

श्री परिदा ने बताया कि प्रशासन ने अपार्टमेंट और होटल की इमारतों में स्वीकृत भवन योजनाओं के उल्लंघन की पहचान करने के लिए भी अभियान शुरू किया है। मामूली बदलाव वाली इमारतों के मालिकों को जरूरी मरम्मत कराने के निर्देश दिए गये हैं।

उन्होंने बताया कि चिह्नित इमारतों में पुरानी सहकारी समिति की इमारत, दो सुनसान होटल की इमारतें और एक अन्य परित्यक्त इमारत शामिल हैं। जांच में इन सभी की हालत पूरी तरह जर्जर पाई गयी।

उन्होंने बताया कि इसके अलावा ग्रैंड रोड (बड़ा डांडा) के किनारे 47 जर्जर इमारतों की पहचान की गयी है। इनमें 21 होटल भी शामिल हैं, जो आंशिक रूप से प्रभावित हैं।

कलेक्टर ने बताया कि प्रशासन ने 27 इमारतों को स्थायी रूप से सील कर दिया है और जल्द ही उन्हें गिराने की योजना है। उन्होंने कहा कि शहर की सबसे पुरानी इमारतों में शामिल करीब 100 साल पुराने अन्नपूर्णा थिएटर हॉल और 105 साल पुराने पुरी सेवा समिति भवन को भी पूरी तरह गिराया जाएगा।

श्री परिदा ने बताया कि स्वीकृत भवन योजनाओं से अलग निर्माण करने वाले भवन मालिकों को आवश्यक मरम्मत और सुधार संबंधी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, बिना स्वीकृत भवन योजना के बनाए गए ढांचों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।

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