मिदनापुर , सितंबर 13 -- पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले के दीघा स्थित एक होटल में पांच शिशु ओरंगुटान को बेचने के कथित सौदे का मामला सामने आया है।
इस घटना को ओडिशा अपराध शाखा की ओर से इन वन्यजीवों की बरामदगी के मामले में की जा रही जांच में एक महत्वपूर्ण सुराग माना जा रहा है। सूत्रों ने रविवार को बताया कि जांचकर्ताओं का ध्यान अब एक संदिग्ध अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्करी गिरोह की ओर गया है।
ओरंगुटान को बालासोर जिले के भोगराई से बरामद किया गया था, जबकि पूछताछ के लिए न्यू दीघा के एक होटल से तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है।
जांचकर्ता उन रिपोर्टों की पड़ताल कर रहे हैं, जिनमें कहा गया है कि ओरंगुटान की कीमत प्रत्येक के लिए एक करोड़ रुपये तक तय की गयी थी। हालांकि, इस कथित सौदे की विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
जांचकर्ताओं ने न्यू दीघा स्थित ग्रैंड हेरिटेज होटल के मालिक और उसके बेटे को भी गहन जांच के दायरे में रखा है। संदेह है कि ओरंगुटान से जुड़ा अवैध सौदा इसी होटल में अंतिम रूप दिया गया था। दोनों के कथित तौर पर फरार होने की जानकारी है।
वहीं होटल के तीन कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया है और उनसे लगातार लंबी पूछताछ की जा रही है। इनमें काले रंग की महिंद्रा थार का चालक भी शामिल है। आरोप है कि इस वाहन का इस्तेमाल इस पूरी गतिविधि में किया गया था।
दीघा से भोगराई के बदापाही स्थित बचाव स्थल तक काली थार की आवाजाही का पता लगाने वाले नए सीसीटीवी फुटेज मिलने के बाद जांच में तेजी आई है।
एसटीएफ की जांच के अनुसार, छह संदिग्ध तस्कर दीघा के होटल में ठहरे हुए थे, लेकिन उनमें से केवल तीन ने आधिकारिक रूप से अपना विवरण दर्ज कराया था। अब जांचकर्ता बाकी तीन लोगों की पहचान और उनके ठिकाने का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।
सीसीटीवी फुटेज में कथित तौर पर 07 सितंबर की देर रात होटल के आसपास संदिग्ध स्थानों पर एक काली थार और एक सफेद कार को घूमते हुए देखा गया है। इसके बाद एक उर्वरक दुकान के सुरक्षा कैमरे में रात करीब 11.35 बजे थार को बदापाही की ओर जाते हुए रिकॉर्ड किया गया।
माना जा रहा है कि वाहन ने दीघा से वन क्षेत्र तक करीब 22 किलोमीटर की दूरी लगभग आधे घंटे में तय की, वहां करीब 12 मिनट रुका और फिर दीघा की ओर लौट गया। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि जांचकर्ताओं को सीसीटीवी के ऐसे दृश्य मिले हैं, जिनमें कथित तौर पर सफेद कार से कुछ बक्से निकालकर एक काली एसयूवी में रखे जाते दिखाई दे रहे हैं। एसटीएफ को संदेह है कि ये वही क्रेट यानी पिंजरे हो सकते हैं, जिनमें पांचों ओरंगुटान को ले जाया जा रहा था।
जांच एजेंसी यह पता लगा रही है कि फुटेज में दिखाई दे रही काली एसयूवी कहीं फरार होटल मालिक की तो नहीं थी। दीघा से जुड़े इस कथित मामले ने जांच का दायरा स्थानीय वन्यजीव अपराध से बढ़ाकर एक संदिग्ध अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्करी अभियान तक पहुंचा दिया है।
जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि पांचों शिशु ओरंगुटान भारत कैसे पहुंचे, उन्हें दीघा-भोगराई मार्ग तक कौन लेकर आया और उन्हें प्राप्त करने के लिए वहां कौन इंतजार कर रहा था।
एसटीएफ ने स्थानीय पुलिस की सहायता से होटल मालिक और उसके बेटे को पकड़ने के लिए कई टीमें गठित की हैं। बताया गया है कि तलाशी अभियान दीघा, हावड़ा और कोलकाता तक फैलाया गया है। टीमें बरामदगी स्थल से 200 किलोमीटर से अधिक दूर स्थित स्थानों पर भी जांच कर रही हैं।
हिरासत में लिए गए तीनों लोगों से कथित होटल सौदे, इस्तेमाल किए गए वाहनों, बिना पंजीकरण के होटल में ठहरे अज्ञात तस्करों और वन्यजीवों को पहुंचाए जाने वाले अंतिम स्थान के बारे में पूछताछ की जा रही है।
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