भुवनेश्वर , जुलाई 22 -- ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर के 'कलिंग चिकित्सा विज्ञान संस्थान' के डॉक्टरों ने एक चार साल की बच्ची के फेफड़े में गहराई में फंसे एलईडी बल्ब को बिना कोई बड़ा चीरा या ऑपरेशन किये सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक बच्ची ने खेलते-खेलते गलती से एक छोटा बल्ब निगल लिया था, जो उसकी सांस की नली से होते हुए सीधे दाहिने फेफड़े में जाकर अटक गया। पहले किसी दूसरे अस्पताल में इसे साधारण तरीके से निकालने की कोशिश की गयी, लेकिन बल्ब बहुत गहराई में होने के कारण निकाला नहीं जा सका। आठ दिन बाद जब बच्ची को इस अस्पताल में लाया गया, तो डॉक्टरों ने देखा कि बल्ब फेफड़े के एक बहुत ही संकरे हिस्से में फंसा हुआ था।
बड़ा ऑपरेशन करने के बजाय, डॉक्टरों की टीम ने मिनिमली इनवेसिव तकनीक का इस्तेमाल किया, जिसमें आधुनिक कैमरे और दो सूक्ष्म नलियों की मदद ली गयी। एक नली से सांस का रास्ता सुरक्षित किया गया और दूसरी नली से फेफड़े के गहरे हिस्से में फंसे बल्ब को पकड़कर बिना किसी चोट के बाहर खींच लिया गया।
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