भुवनेश्वर , मार्च 24 -- ओडिशा सरकार ने मंगलवार को जलशक्ति मंत्रालय के साथ जल जीवन मिशन 2.0 के क्रियान्वयन के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

वर्चुअल रूप से आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी भुवनेश्वर स्थित लोक सेवा भवन से शामिल हुए, जबकि केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल और राज्य मंत्री बी. सोमनाथ नयी दिल्ली से जुड़े।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मिशन ने विशेष रूप से महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है, क्योंकि अब उन्हें पीने के पानी के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ती। उन्होंने इस पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार जताया। उन्होंने बताया कि जल शक्ति अभियान ओडिशा में जन आंदोलन बन चुका है। इसके तहत राज्य में 2.21 लाख जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन संरचनाएं बनाई गई हैं, 43,000 से अधिक जलाशयों का पुनरुद्धार किया गया है, 42,000 भूजल रिचार्ज कार्य पूरे किए गए हैं और 2 लाख से अधिक वॉटरशेड परियोजनाएं लागू की गई हैं।

उन्होंने कहा कि करीब 5,000 ग्रामीण पाइप जल आपूर्ति योजनाएं सुजलम भारत मंच पर पंजीकृत की गई हैं और सभी परियोजनाओं के लिए वित्तीय समन्वय सुनिश्चित किया गया है। राज्य में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 70 लीटर पेयजल उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है, जिसमें राज्य सरकार लगभग 40 प्रतिशत खर्च वहन कर रही है।

नागरिक सेवाओं को मजबूत करने के लिए 'बसुधा' हेल्पलाइन, व्हाट्सऐप सेवाएं और डिजिटल शिकायत निवारण प्लेटफॉर्म शुरू किए गए हैं। गांव स्तर पर ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियां (वीडब्ल्यूएससी)) के माध्यम से जनभागीदारी बढ़ी है, जबकि "जल अर्पण दिवस" 25 जिलों में मनाया जा चुका है और जल्द ही शेष जिलों में भी आयोजित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि केंद्र सरकार ने इस मिशन को 2028 तक बढ़ाने की मंजूरी दे दी है, जो "हर घर जल" लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री सी. आर. पाटिल ने कहा कि जल जीवन मिशन 2.0 को 2026-2028 अवधि के लिए विस्तारित किया गया है, जिससे जल संकट वाले क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता और महिलाओं के जीवन स्तर में और सुधार होगा।

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