भुवनेश्वर , जून 12 -- ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शुक्रवार को राज्य भर में किंडरगार्टन (केजी) से लेकर स्नातकोत्तर (पीजी) तक छात्रों के लिए मुफ्त शिक्षा देने की घोषणा की। उन्होंने इस कदम को शिक्षा को सुलभ और सार्वभौमिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है।

मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के दो साल पूरे होने पर मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि इस पहल का उद्देश्य सभी छात्रों को लाभ पहुंचाना है, जिसमें आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित परिवारों के बच्चों के साथ-साथ छात्राओं पर विशेष जोर दिया गया है। श्री माझी ने दावा किया कि ओडिशा ऐसा व्यापक मुफ्त शिक्षा कार्यक्रम शुरू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। उम्मीद है कि इससे परिवारों पर वित्तीय बोझ काफी कम होगा और उच्च शिक्षा तक पहुंच में सुधार होगा। उन्होंने कहा कि आज के संदर्भ में केवल साक्षरता ही प्राथमिक चुनौती नहीं रह गयी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना ही मुख्य प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने शिक्षा क्षेत्र के प्रति पिछली सरकार के दृष्टिकोण की आलोचना की। उन्होंने कहा कि 24 साल सत्ता में रहने के बावजूद सार्थक सुधारों में देरी की गयी और उनके प्रयास बड़े पैमाने पर केवल दिखावटी बदलावों जैसे स्कूल भवनों की पुताई करने तक ही सीमित रहे।

शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए श्री माझी ने कहा कि उनकी सरकार ने दो बड़ी पहल की हैं। पहली राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 को लागू करना था, जो पहले लंबित पड़ी थी और दूसरी हर पंचायत में 'गोदाबरीश मिश्रा मॉडल प्राथमिक विद्यालय' स्थापित करने की शुरुआत करना था। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के पहले चरण में प्रस्तावित 2,200 स्कूलों में से 322 स्कूलों की आधारशिला पहले ही रखी जा चुकी है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित