बालेश्वर , सितंबर 08 -- ओडिशा के बालेश्वर जिले में मंगलवार को देश में अति-दुर्लभ एवं संकटग्रस्त प्रजाति ओरंगुटान के करीब दो साल की आयु वाले पांच बच्चों को सुरक्षित बरामद किया गया । इस असाधारण मामले के सामने आने के बाद ओडिशा के तटीय इलाकों में किसी संगठित अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्करी नेटवर्क के सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है।
बालेश्वर जिले के उदयपुर फॉरेस्ट रेंज के अंतर्गत आने वाले बिचित्रपुर जंगल क्षेत्र में स्थानीय ग्रामीणों ने इन पांचों ओरंगुटान को देखा। असामान्य और विदेशी दिखने वाले इन जीवों को देखकर चकित ग्रामीण निवासियों ने तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना दी। बालेश्वर वन्यजीव प्रभाग के प्रभागीय वन अधिकारी प्रतीक प्रकाश इंदलकर ने बताया कि वन कर्मियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर लगभग इन पांचों ओरंगुटान को सकुशल अपने कब्जे में ले लिया।
पशु चिकित्सकों की जांच में सभी पांचों ओरंगुटान स्वस्थ पाए गए हैं, हालांकि इंसानों के देखे जाने के कारण वे आंशिक रूप से तनाव में थे। अधिकारियों के अनुसार इनमें तीन मादा और दो नर शामिल हैं।
ओरंगुटान भारत की मूल प्रजाति नहीं हैं, इसलिए वन विभाग ने इस असामान्य घटनाक्रम की जानकारी उच्च अधिकारियों को दे दी है और मामले की गहराई से जांच के लिए 'वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो' से हस्तक्षेप की मांग की है। डीएफओ इंदलकर ने बताया कि इस बात की पूरी संभावना है कि इन्हें किसी अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव अपराध सिंडिकेट द्वारा अवैध रूप से लाया गया है।
गौरतलब है कि बालेश्वर की सीमाएं पश्चिम बंगाल से लगती हैं और यह क्षेत्र सड़क और समुद्री दोनों मार्गों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम इस बात की जांच कर रही है कि इन जीवों को सड़क मार्ग से लाया गया था या तटीय समुद्री रास्ते से। वन विभाग ने इन दुर्लभ जीवों को विशेष देखभाल और दीर्घकालिक सुरक्षा के लिए भुवनेश्वर स्थित 'नंदनकानन प्राणी उद्यान' में स्थानांतरित करने की अनुमति मांगी है।
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