भुवनेश्वर , जुलाई 14 -- ओडिशा के जाजपुर जिले में उपेंद्रनाथ शारदा महाविद्यालय की प्राचार्या के खिलाफ वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं के कई गंभीर आरोप सामने आये हैं।

एक लिखित शिकायत में प्राचार्या शारदा कर और कॉलेज के कुछ कर्मचारियों पर कई गंभीर आरोप लगाये गये हैं। शिकायत के अनुसार, उन्होंने बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली में गड़बड़ी की, फर्जी यात्रा भत्ता (टीए) बिल बनाए और कर्मचारियों से पैसे लेने के बावजूद उनके कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) और मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (एचआरएमएस) से जुड़े काम समय पर नहीं किए।

शिकायत में यह भी रेखांकित किया गया है कि महाविद्यालय में पर्याप्त बुनियादी ढांचा होने के बावजूद नियमित कार्यालयी कार्यों को बाहरी स्रोतों (आउटसोर्स) से कराया गया। इसके अलावा कॉलेज प्रशासन पर कंप्यूटर और बिजली के सामानों की फालतू खरीदारी करने, सालाना रख-रखाव (एएमसी) के पैसों का दुरुपयोग करने और फर्जी रिकॉर्ड बनाकर ऑडिटरों को गुमराह करने का भी आरोप है।

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि अस्थायी और कम वेतन वाले कर्मचारियों पर ऑडिट प्रभावित करने के नाम पर पैसे देने का दबाव बनाया गया और पैसे न देने पर नौकरी से निकालने की धमकी दी गयी। अन्य आरोपों में हाथ से लिखे जाने वाले हाजिरी रजिस्टर में गड़बड़ी, दफ्तर के मुख्य हिस्सों में सीसीटीवी कैमरे न होना और भुवनेश्वर के उच्च शिक्षा क्षेत्रीय निदेशक की पिछली जांच में सामने आई कमियां शामिल हैं।

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