भुवनेश्वर , जुलाई 24 -- ओडिशा ने ई-कोर्ट परियोजना के तीसरे चरण के तहत अपनी न्यायपालिका के कंप्यूटरीकरण में महत्वपूर्ण प्रगति की है और राज्य की 845 में से 817 अदालतों और 215 में से 203 अदालत परिसरों को सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) हार्डवेयर से सुसज्जित किया है।

केन्द्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बताया कि 30 जून तक उड़ीसा उच्च न्यायालय और जिला अदालतों में 24.17 करोड़ पन्नों वाले कुल 42.96 लाख पुराने केस रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण किया जा चुका है। ई-कोर्ट परियोजना को उड़ीसा उच्च न्यायालय के मार्गदर्शन में राज्य की सभी जिला और अधीनस्थ अदालतों में लागू किया जा रहा है।

श्री मेघवाल ने बताया कि उच्च न्यायालय की 18 अदालतें और जिला न्यायपालिका की 343 अदालतें वर्तमान में पीडीएफ-आधारित उपकरणों का उपयोग करके कागज रहित मोड में काम कर रही हैं, जिससे केस रिकॉर्ड और अदालती कार्यवाही तक डिजिटल पहुंच संभव हो सकी है।

डिजिटल बदलाव के तहत सभी 30 जिला अदालत वेबसाइटों को एस3डब्ल्यूएएएस प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित कर दिया गया है, जबकि जिला न्यायपालिका के 320 अदालत प्रतिष्ठानों को केस इंफॉर्मेशन सिस्टम (सीआईएस) 3.0 से सीआईएस 4.0 में सफलतापूर्वक स्थानांतरित कर दिया गया है।

एक जनवरी 2026 से केस सूचना प्रणाली (सीआईएस) ने इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आईसीजेएस) प्लेटफॉर्म के माध्यम से 3.10 लाख प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) और 2.29 लाख चार्जशीट से संबंधित डेटा को एकीकृत किया है, जिससे न्याय एजेंसियों के बीच डिजिटल समन्वय मजबूत हुआ है।

राज्य की सभी अदालतों में ई-फाइलिंग 3.0 प्रणाली शुरू कर दी गयी है, जिसके तहत 30 जून तक 1.31 लाख मामले इलेक्ट्रॉनिक रूप से दर्ज किये गये हैं। सभी अदालतों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा भी उपलब्ध करायी गयी है, जिससे इस अवधि के दौरान 7.61 लाख आभासी सुनवाई संभव हो सकी है।

विशेषकर दूरदराज के क्षेत्रों में न्यायिक सेवाओं तक पहुंच में सुधार के लिए राज्य में 184 ई-सेवा केंद्र स्थापित किये गये हैं, जो नागरिकों को अदालत से संबंधित सेवाओं के लिए डिजिटल सहायता प्रदान करते हैं।

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