भुवनेश्वर , अक्टूबर 08 -- कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडिया गठबंधन की ओर से गुरुवार को आहूत 12 घंटे के प्रदेशव्यापी बंद के कारण ओडिशा में आम जनजीवन प्रभावित हुआ। इससे सड़क और रेल यातायात, सार्वजनिक परिवहन, शिक्षण संस्थानों और व्यावसायिक गतिविधियों पर असर पड़ा। यह बंद सुबह छह बजे शुरू हुआ और शाम छह बजे तक जारी रहने वाला है।
प्रदर्शनकारियों द्वारा कई जगहों पर सड़क जाम करने और धरना देने से वाहनों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई, जिससे यात्री प्रमुख बस स्टैंडों और रेलवे स्टेशनों पर फंसे रहे। भुवनेश्वर, कटक और पुरी सहित कई जगहों पर सिटी बस सेवाएं बंद रहीं, जबकि कई इलाकों में सड़कें सुनसान दिखीं।
एहतियात के तौर पर राज्य भर के लगभग 3,000 ईंधन स्टेशनों में से अधिकांश ने भी अपना कामकाज बंद रखा। बैंकिंग और परिवहन सेवाएं प्रभावित हुईं, जबकि सरकारी कार्यालयों में भी उपस्थिति सामान्य से कम रही।
इंडिया गठबंधन ने दावा किया कि बंद को व्यापक और स्वतःस्फूर्त समर्थन मिला, जबकि कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों ने गड़बड़ी की आशंका में अपनी दुकानें बंद रखीं हैं। ताजा रिपोर्टों के अनुसार बंद शांतिपूर्ण और बिना किसी अप्रिय घटना के रहा। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने कड़ी निगरानी रखी और राज्य भर में कई प्लाटून तैनात किए।
ओडिशा इंडिया गठबंधन ने कई मुद्दों पर यह बंद बुलाया था, जिनमें मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) में कथित अनियमितताएं और असली मतदाताओं के नाम हटाना, केंद्र की खनन नीतियां, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़ी कथित चुनावी अनियमितताएं, और राज्य की शिक्षा प्रणाली व पाठ्यपुस्तक छपाई से जुड़ी चिंताएं शामिल हैं।
इस गठबंधन में कांग्रेस,भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी,मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, सीपीआई (माले) लिबरेशन, फॉरवर्ड ब्लॉक, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार), समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल और और झारखंड मुक्ति मोर्चा शामिल हैं।
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