भुवनेश्वर , अगस्त 01 -- ओडिशा मंत्रिपरिषद ने शनिवार को 2995 करोड़ रुपये के 'मुख्यमंत्री जनजाति जीविका मिशन (एमएमजेजेएम) 2.0' को मंज़ूरी दे दी। जिसका उद्देश्य राज्य भर के लगभग आठ लाख आदिवासी और विशेष रूप से कमज़ोर आदिवासी समूहों (पीवीटीजी) के परिवारों के लिए आजीविका के अवसर बढ़ाना है।
राज्य सरकार द्वारा वित्तपोषित यह कार्यक्रम 2026-27 से 2030-31 तक पांच वर्षों में लागू किया जाएगा। यह एमएमजेजेएम के पहले चरण पर आधारित है जो अभी 13 ज़िलों में 1.5 लाख आदिवासी परिवारों के लिए चल रहा है। अब इसे 19 ज़िलों तक बढ़ाया जाएगा, जिसमें 134 आदिवासी उप-योजना और माइक्रो प्रोजेक्ट एरिया ब्लॉक, 23 एकीकृत आदिवासी विकास एजेंसियां (आईटीडीए) और 20 माइक्रो प्रोजेक्ट एरिया शामिल होंगे, जिनमें सभी पीवीटीजी परिवार भी शामिल होंगे।
इस मिशन का मकसद उद्यमिता, सामुदायिक संस्थानों, आजीविका उत्पादन क्लस्टर, मूल्य संवर्धन और बेहतर बाज़ार संपर्क के ज़रिए खेती, खेती से जुड़े अन्य कामों और खेती-बाहर की आजीविका को बढ़ावा देकर परिवारों की आय में सुधार करना है। लाभार्थी स्थानीय संसाधनों और अपनी रुचि के आधार पर आजीविका गतिविधियों को चुनने के लिए स्वतंत्र होंगे।
यह कार्यक्रम कृषि, बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन, रेशम उत्पादन, वन-आधारित आजीविका, गैर-इमारती वन उपज (एनटीएफपी) मूल्य श्रृंखला, हथकरघा, पारंपरिक शिल्प और ग्रामीण उद्यमों का समर्थन करेगा। साथ ही, फसल कटाई के बाद की व्यवस्था, भंडारण, प्रसंस्करण और विपणन के लिए बुनियादी ढांचा भी तैयार करेगा। हर पात्र परिवार को पारदर्शी और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए सीधे बैंक खातों में स्थानांतरण प्रणाली के ज़रिए दो किश्तों में 30,000 रुपये मिलेंगे।
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