भुवनेश्वर , अक्टूबर 26 -- ओडिशा प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष एवं राज्यसभा सदस्य मनमोहन सामल ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पिता को लेकर हालिया टिप्पणी की आलोचना करते हुए सोमवार को कहा कि राजनीतिक नेताओं को अपने विचार व्यक्त करते समय भाषा की मर्यादा बनाए रखनी चाहिए और राष्ट्रीय गौरव का सम्मान करना चाहिए।

श्री सामल ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन सार्वजनिक बयान देते समय नेताओं को संयम बरतना चाहिए और अपनी गरिमा बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने श्री खरगे की हालिया टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राजनीतिक नेताओं की जिम्मेदारी है कि वे सार्वजनिक विमर्श की गरिमा बनाए रखें और सुनिश्चित करें कि उनके बयान राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना को दर्शाएं। उन्होंने स्वीकार्य राजनीतिक विमर्श की सीमाओं को लांघने वाली टिप्पणियों को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि नेताओं को ऐसी भाषा से बचना चाहिए, जो राजनीतिक बहस की गरिमा को ठेस पहुंचाती हो।

उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी को अपनी जिम्मेदारियों और विपक्षी दल के रूप में अपनी भूमिका को समझने की जरूरत है, खासकर तब जब वह कई दशकों तक देश की सत्ता में रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस लंबे समय तक सत्ता से बाहर रहने की स्थिति को स्वीकार नहीं कर पा रही है और उसकी हताशा एवं निराशा उसके राजनीतिक बयानों तथा राजनीतिक दांव-पेच में दिखाई दे रही है।

श्री मोदी, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, श्री अरुण जेटली, श्री प्रमोद महाजन और श्रीमती सुषमा स्वराज सहित भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की राजनीतिक यात्रा का उल्लेख करते हुए श्री सामल ने कहा कि उनके सार्वजनिक आचरण से देशभर के राजनीतिक नेताओं को महत्वपूर्ण सीख मिलती है। उन्होंने कहा कि इन नेताओं ने दिखाया कि भाषा की गरिमा और सार्वजनिक व्यवहार के मानकों से समझौता किये बिना भी राजनीतिक मतभेद व्यक्त किये जा सकते हैं।

उन्होंने कहा, "राजनीति में अपने विचार व्यक्त करते समय भाषा और मर्यादा की सीमाओं के भीतर रहना आवश्यक है।" उन्होंने कहा कि जिम्मेदार राजनीतिक नेताओं के बयान राष्ट्रीय गौरव को बनाए रखने वाले और जिम्मेदारी की भावना को दर्शाने वाले होने चाहिए।

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