भुवनेश्वर , अगस्त 26 -- ओडिशा के गजपति जिले की पुलिस ने आंध्रप्रदेश के हैदराबाद से मानव तस्करी के लिए लायी गयीं पांच नाबालिग लड़कियों को बचा लिया है।

आरोप है कि इन लड़कियों को ओडिशा के बाहर नौकरी दिलाने के बहाने गजपति, रायगढ़ा और कंधमाल जिलों के सीमावर्ती इलाकों से लाया गया था।

यह बचाव अभियान तीनों जिलों के जनजातीय बहुल क्षेत्रों में सक्रिय एक संदिग्ध मानव तस्करी नेटवर्क की जांच के बाद चलाया गया।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, स्थानीय महिला सरपंच ने प्राथमिकी दर्ज करायी थी, जिसके बाद 17 अगस्त को मामला दर्ज किया गया था। इसमें इलाके से महिलाओं और नाबालिग लड़कियों की संदिग्ध तस्करी किये जाने की सूचना दी गयी थी।

उदयगिरि के उप-मंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) राकेश कुमार साहू की देखरेख में बाद में जांच शुरू की गयी है।

जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि पीड़ितों को हैदराबाद ले जाया गया था। आरोपी की पहचान राजकुमार बस्त्रे के रूप में की गयी है। जांच के दौरान बस्त्रे की लड़कियों को लाने में उसकी कथित संलिप्तता का खुलासा हुआ।

सूचना मिलने पर गजपति पुलिस ने एक विशेष दल का गठन किया और उसे अनुमंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) की देखरेख में हैदराबाद भेजा गया। पुलिस दल ने कई स्थानों पर तलाशी और सत्यापन करने के बाद सभी पांचों लड़कियों का पता लगाया और उन्हें सुरक्षित निकाल लिया।पुलिस ने बताया कि पीड़ित लड़कियां कंधा और सौरा समुदायों के आर्थिक रूप से कमज़ोर आदिवासी परिवारों से हैं। बताया जा कहा है कि उन्होंने स्कूल छोड़ दिया था और उन्हें राज्य के बाहर नौकरी दिलाने का लालच दिया गया था।

शुरुआती जांच में पता चला कि लड़कियों को ले जाने और बाद में आर्थिक फ़ायदा उठाने के मक़सद से, उन्हें बालिग़ दिखाने के लिये कथित तौर पर उनके आधार विवरण में हेर-फेर की गयी थी।

पुलिस ने बताया कि बस्त्रे को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पीड़ितों की जांच, सुरक्षित वापसी और पुनर्वास के लिये कानून के अनुसार कदम उठाये गये हैं।

पुलिस अधिकारी साहू ने कहा," इन नाबालिग लड़कियों का स्वास्थ्य, सुरक्षा और शिक्षा अब हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम उनके उचित पुनर्वास और उनके अधिकारों की बहाली सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"उन्होंने कहा कि कथित मानव तस्करी नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान करने, अन्य पीड़ितों का पता लगाने और उन्हें बचाने तथा शेष आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिये जांच जारी रहेगी।गौरतलब है कि यह बचाव अभियान 'ऑपरेशन उड़ान- हमारी बेटियों को घर वापस लाना' के तहत चलाया गया था। यह मानव तस्करी से निपटने और महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, गरिमा, शिक्षा और अधिकारों को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू की गयी एक पहल है।

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