भुवनेश्वर , अप्रैल 30 -- ओडिशा पर्यटन को राजस्थान के जयपुर में आयोजित 'ग्रेट इंडियन ट्रैवल बाज़ार' (जीआईबीटी) में दोहरी सराहना मिली है। यह उपलब्धि राष्ट्रीय और वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर राज्य के बढ़ते महत्व को रेखांकित करती है।
यहां जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार राज्य को पर्यटन के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, प्रगतिशील नीतियोंको लागू करने और विभिन्न पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देने के लिए किए गये निरंतर प्रयासों की मान्यता स्वरूप, 'पर्यटन विकास में उत्कृष्ट योगदान' के लिए प्रतिष्ठित 'ट्रैवल एंड टूरिज्म एक्सीलेंस अवार्ड 2026' से सम्मानित किया गया। एक अन्य बड़ी उपलब्धि के रूप में ओडिशा पर्यटन को अपने आकर्षक पवेलियन डिज़ाइन, नवीन प्रस्तुति और प्रभावशाली अनुभवात्मक कहानी-कथन के लिए 'सार्वजनिक क्षेत्र श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ स्टॉल' का सम्मान भी प्राप्त हुआ। इस कार्यक्रम में अपनी सशक्त और रणनीतिक उपस्थिति के साथ, ओडिशा ने स्वयं को एक उच्च-संभावना वाले वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित किया। राज्य की भागीदारी को 11 सह-प्रदर्शकों के एक प्रतिनिधिमंडल से भी बल मिला। इस प्रतिनिधिमंडल में टूर ऑपरेटर, आतिथ्य क्षेत्र के हितधारक और पर्यटन सेवा प्रदाता शामिल थे, जिन्होंने सामूहिक रूप से ओडिशा के व्यापक और बाज़ार-तैयार पर्यटन पारिस्थितिकी तंत्र को प्रदर्शित किया।
जीआईबीटी में ओडिशा पवेलियन सबसे आकर्षक जगहों में से एक बनकर उभरा, जिसने अंतरराष्ट्रीय खरीदारों, विदेशी टूर ऑपरेटरों (एफटीओ) और गंतव्य प्रबंधन कंपनियों (डीएमसी) का काफी ध्यान खींचा।
एक सौ 20 से ज़्यादा खास जी2बी बैठकों और रणनीतिक नेटवर्किंग सत्रों के ज़रिए, ओडिशा टूरिज़्म ने राज्यकी समृद्ध विरासत, आध्यात्मिक, तटीय, इको और अनुभव-आधारित पर्यटन पेशकशों को उजागर किया।
राज्य ने वैश्विक यात्रा और एमआईसीई के अवसरों के लिए अपनी तैयारियों को भी प्रदर्शित किया, जिसे हाल ही में संशोधित ओडिशा टूरिज़्म नीति 2026 का समर्थन प्राप्त है। इस नीति का उद्देश्य बुनियादी ढांचे को मज़बूत करना, निवेश को बढ़ावा देना और ओडिशा को एक प्रतिस्पर्धी तथा निवेशक-अनुकूल गंतव्य के रूप में स्थापित करना है। ओडिशा के भाग लेने वाले हितधारकों ने अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के साथ कई सार्थक व्यावसायिक चर्चाएं भी कीं, जिससे सार्थक साझेदारियों और भविष्य के सहयोग के लिए मार्ग प्रशस्त हुआ।
अधिकारियों ने कहा कि इस वैश्विक पहुंच से ओडिशा की अंतरराष्ट्रीय पहचान को काफी बढ़ावा मिलने और साथ ही वैश्विक टूर ऑपरेटरों तथा पर्यटन हितधारकों के साथ संबंधों को और गहरा करने की उम्मीद है। जीआईटीबी में मिली सफलता ने 'ओडिशा यात्रा बाज़ार' के सातवें संस्करण के लिए भी मंच तैयार कर दिया है। यह संस्करण तीन से पांच अक्टूबर, 2026 तक आयोजित किया जाएगा। उम्मीद है कि इसमें देश-विदेश के जाने-माने एफटीओ, डीएमसी और खरीदार राज्य में आएंगे, जिससे इनबाउंड पर्यटन और निवेश की संभावनाओं को और तेज़ी मिलेगी।
ये सम्मान वैश्विक मंच पर एक खास पर्यटन स्थल के तौर पर ओडिशा के बढ़ते कद को दर्शाते हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इसी गति को बनाये रखते हुए पर्यटन विभाग अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों का विस्तार करना, पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाना और पर्यटन-आधारित विकास और निवेश के नये रास्ते खोलना जारी रखेगा।
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