भुवनेश्वर , जुलाई 11 -- ओडिशा सरकार ने शनिवार को कम-कार्बन वाले निर्माण सामग्री और टिकाऊ विकास पर एक 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' स्थापित करने के उद्देश्य से एक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।

इस पहल का उद्देश्य शोध, नवाचार और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने के साथ ही टिकाऊ निर्माण तरीकों को अपनाने में तेजी लाना है, ताकि ओडिशा के साफ-सुथरे, हरे-भरे और भविष्य के लिए तैयार होने वाले शहरों के सपने को साकार किया जा सके।

इस एमओयू पर ओडिशा शहरी अकादमी (ओयूए), आईआईटी भुवनेश्वर और डेवलपमेंट अल्टरनेटिव्स ने हस्ताक्षर किए।

इस एमओयू पर आवास और शहरी विकास मंत्री कृष्ण चंद्र महापात्रा और विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में ओयूए के निदेशक सुवेंदु साहू, आईआईटी भुवनेश्वर के स्कूल ऑफ इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रोफेसर दिनकर पसला और डेवलपमेंट अल्टरनेटिव्स के मुख्य कार्यकारी अधिकार शांतनु पतरा ने हस्ताक्षर किए।

इस मौके पर श्री महापात्रा ने कहा कि शहरी विकास के काम को सिर्फ भौतिक बुनियादी ढांचा बनाने तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए बल्कि पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार योजना, बेहतर सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और कुशल नागरिक सेवाओं के जरिए जीवन की गुणवत्ता सुधारने पर भी ध्यान देना चाहिए।

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