भुवनेश्वर , जुलाई 25 -- ओडिशा औद्योगिक अवसंरचना विकास निगम (आईडीसीए) की अध्यक्ष उषा पाधी ने बताया कि आईडीसीए ने राज्य के औद्योगिक भूमि बैंक में लगभग 6,000 एकड़ ज़मीन शामिल की है।
साथ ही, पिछले दो सालों में बड़ी और मध्यम उद्योग को 6,027 एकड़ ज़मीन आवंटित करके 93 बड़े औद्योगिक परियोजनाओं को शुरू करने में मदद की है। ओडिशा के औद्योगिक पारिस्थितिक तंत्र को मज़बूत करने और 'ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस' (कारोबार में आसानी) के ढांचे को बेहतर बनाने के लिए शुक्रवार को शेयरधारकों की बैठक को संबोधित करते हुए श्रीमती पाधी ने कहा कि निगम ने पूरे राज्य में औद्योगिक संरचना को काफ़ी बढ़ाया है। श्रीमती पाधी आवास एवं शहरी विकास विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव भी हैं।
उन्होंने कहा कि संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देने के लिए आईडीसी ने तकनीक, कपड़ा, प्लास्टिक, समुद्री भोजन प्रसंस्करण और एल्युमीनियम-आधारित उद्योग के लिए सेक्टर-स्पेसिफिक पार्कों के अलावा 30 मल्टी-प्रोडक्ट सुक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यण (एमएसएमई) पार्क भी विकसित किए हैं।
श्री पाधी ने बताया कि आईडीसीए अभी 3,500 करोड़ रुपये से ज़्यादा लागत वाले 147 औद्योगिक अवसंरचना परियोजनाओं पर काम कर रहा है, जबकि आईडीसीए और पूंजीगत निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता (एसएएससीआई) की योजना के तहत 1,870 करोड़ रुपये से ज़्यादा लागत वाले 117 और परियोजनाओं का प्रस्ताव रखा गया है।
यह निगम अब ओडिशा में 14,095 एकड़ से ज़्यादा विकसित ज़मीन पर फैले लगभग 150 औद्योगिक एस्टेट, औद्योगिक क्षेत्र और एमएसएमई पार्क का प्रबंधन करता है और 6,661 औद्योगिक इकाइयाँ को सपोर्ट करता है। निवेशक के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए किए गए सुधारों पर ज़ोर देते हुए, उन्होंने कहा कि आईडीसीए ने पयोजना से जुड़े नियमों को आसान बना दिया है। इसके तहत, हस्तांतरणीय विकास अधिकार (टीडीआर ) प्रमाणपत्र की ज़रूरत के बिना मंज़ूर किए गए फ्लोर एरिया रेश्यो (एफएआर) का पूरा इस्तेमाल करने की इजाज़त दी गयी है और औद्योगिक इमारत, फ्लैटेड फ़ैक्टरी और आईटी/आईटीईएस स्थापित करने के लिए ग्राउंड कवरेज की पाबंदियों को हटा दिया गया है।
परियोजना को तेज़ी से लागू करने के लिए श्री पाधी ने उद्योग संघ से कहा कि वे पूर्व मंजूरी के लिए मानक औद्योगिक भवन डिज़ाइन जमा करें। उन्होंने कहा कि कि आवंटन पत्र के साथ एकीकरण के ज़रिए मॉर्गेज अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी ) जल्द ही अपने-आप जारी किए जाएंगे, जबकि पारदर्शिता बढ़ाने के लिए एक पब्लिक डिजिटल इंडस्ट्रियल लैंड बैंक प्लेटफ़ॉर्म भी बनाया जा रहा है। आईडीसीए ने भूमि आवंटन समिति की मंज़ूरी के एक महीने के अंदर ज़मीन अलॉटमेंट, लीज़ एग्रीमेंट और फ़िज़िकल कब्ज़ा पूरा करने का लक्ष्य भी रखा है।
उद्योग के प्रतिनिधियों की चिंताओं का जवाब देते हुए, निगम ने कहा कि खुर्दा इंडस्ट्रियल एस्टेट में पानी की आपूर्ति बहाल कर दी गई है, जगतपुर के लिए ड्रेनेज के प्रस्ताव मंज़ूरी के लिए जमा कर दिए गए हैं और इंडस्ट्रियल एस्टेट में स्मार्ट स्ट्रीट लाइटिंग का विस्तार किया जा रहा है।
भुवनेश्वर के इन्फ़ोसिटी की बढ़ती अवसंरचना ज़रूरतों को पूरा करने के लिए, जहाँ लगभग 30,000 पेशेवर काम करते हैं। आईडीसीओ एक बहुस्तरीय कार पार्किंग परियोजना पर काम कर रहा है और पार्किंग सुविधाओं के लिए और ज़मीन की पहचान कर रहा है। सात बड़े इंडस्ट्रियल एस्टेट में लगभग 500 करोड़ रुपये के बुनियादी ढांचे का अपग्रेड का काम भी चल रहा है, जिसमें सड़कें, ड्रेनेज, यूटिलिटी और दूसरी नागरिक सुविधाएँ शामिल हैं। बड़े एस्टेट में कॉमन फ़ायर-हाइड्रेंट सिस्टम लगाने और औद्योगिक सुरक्षा को मज़बूत करने की योजनाएँ भी बनाई जा रही हैं।
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