भुवनेश्वर , जुलाई 10 -- ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शुक्रवार को अधिकारियों को पुरी में 16 जुलाई को होने वाली भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के लिए पुख्ता सुरक्षा और विभिन्न विभागों के बीच निर्बाध समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं।उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस विश्व प्रसिद्ध उत्सव के सुचारू संचालन के लिए सूक्ष्म योजना और प्रभावी संवाद अत्यंत आवश्यक हैं।

लोक सेवा भवन में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता के दौरान मुख्यमंत्री माझी ने सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण, महिला सुरक्षा, संदिग्ध व्यक्तियों तथा नशा करने वालों की निगरानी, आपातकालीन निकासी, अग्निशमन सेवाओं, भोजन और पेयजल की गुणवत्ता, तथा प्रतिकूल मौसम के लिए आकस्मिक योजनाओं से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा की।

अनुष्ठानों को समय पर पूरा करने तथा श्रद्धालुओं और तीनों रथों की सुरक्षा की आवश्यकता पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुभवी अधिकारियों को उत्सव के सभी पहलुओं की निगरानी करनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से मजबूत संचार व्यवस्था स्थापित करने को कहा, ताकि सूचनाओं का त्वरित प्रसार सुनिश्चित किया जा सके और आयोजन के दौरान समन्वय में कोई कमी न रहे।

बैठक में अधिकारियों ने सूचित किया कि सुरक्षा के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की टुकड़ियों सहित 12,000 से अधिक पुलिस कर्मी तैनात किये जायेंगे। भारतीय तटरक्षक बल और भारतीय नौसेना अलर्ट पर रहेंगे, जबकि सुरक्षा व्यवस्था की देखरेख के लिए 19 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गयी है।

निगरानी और जनसंचार को मजबूत करने के लिए प्रशासन ने पुरी भर में 473 सीसीटीवी कैमरे और 65 एलईडी स्क्रीन लगायी हैं, ताकि ओडिया, हिंदी और अंग्रेजी में जानकारी प्रदान की जा सके। संपर्क में सुधार के लिए कई अस्थायी टावरों के साथ-साथ सोलह स्थायी मोबाइल टावर स्थापित किये गये हैं, जबकि वास्तविक समय में जनता को सचेत करने के लिए 'बल्क मैसेजिंग सिस्टम' का उपयोग किया जायेगा। गुंडिचा मंदिर में वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के लिए विशेष सहायता केंद्र खोले जायेंगे। भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा निगरानी के लिए कई निकासी गलियारे और एक एकीकृत कमान और नियंत्रण केंद्र स्थापित किया गया है।

प्रशासन ने निर्धारित पार्किंग क्षेत्रों, ग्रैंड रोड के किनारे हाई-मास्ट लाइटों, समर्पित स्वच्छता स्वयंसेवकों के साथ 1,700 बायो-टॉयलेट और आपातकालीन चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए आठ अस्थायी अस्पतालों की भी व्यवस्था की है।

उत्सव के दौरान पुरी के लिए 300 से अधिक विशेष ट्रेनों के चलने की उम्मीद के मद्देनजर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे ट्रेन के समय के साथ भीड़ प्रबंधन का तालमेल बैठायें, ताकि तीर्थयात्रियों की सुगम और परेशानी मुक्त आवाजाही सुनिश्चित हो सके।

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