केंद्रपाड़ा , अक्टूबर 14 -- ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले में पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील बतीघर आरक्षित वन के पास एक रिहायशी इलाके में घुसे 14.6 फुट लंबे बर्मी अजगर को वन विभाग की टीम ने सुरक्षित बचा लिया।

वन अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार रात महाकालपाड़ा ब्लॉक के उत्तर खोला गांव में संरक्षित वन से सटे मधन सामंत के घर के पिछवाड़े में अजगर रेंगता हुआ दिखाई दिया। इससे स्थानीय लोगों में दहशत और कौतूहल फैल गया। सामंत ने तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना दी। सूचना मिलने पर महाकालपाड़ा के वन क्षेत्राधिकारी शांतनु कुमार दलाई ने बतीघर के वनपाल सुरेश चंद्र प्रुष्टि के नेतृत्व में बचाव दल भेजा। स्थानीय निवासियों की मदद से दल ने गैर-विषैले अजगर को सुरक्षित पकड़ लिया और बाद में उसे घने कंसर डिया आरक्षित वन में उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया।

वन अधिकारियों ने बताया कि बतीघर-कंसर डिया का मैंग्रोव और आरक्षित वन पारिस्थितिकी तंत्र विभिन्न प्रकार के सरीसृपों का आश्रय स्थल है। यहां भारतीय अजगर, बर्मी अजगर और किंग कोबरा के अलावा दुर्लभ हरे और पीले रंगों वाले सांप भी पाए जाते हैं।

अधिकारियों के मुताबिक, जंगल से सटे गांवों में सरीसृपों का आना आम है। खासकर मानसून के दौरान जलभराव होने पर वे ऊंचे स्थानों की तलाश में रिहायशी इलाकों की ओर आ जाते हैं।

वन विभाग ने सांप को नुकसान न पहुंचाने और संयम बरतने के लिए ग्रामीणों की सराहना की। बर्मी अजगर वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम के तहत अनुसूची-I में संरक्षित प्रजाति है। अधिकारियों ने बताया कि अजगर स्वस्थ था और उसे बिना किसी चोट के जंगल में छोड़ दिया गया।

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